चीन: रोबोट ने दिखाए ऐसे करतब कि लोगों को आंखों पर नहीं हुआ यकीन, देखें हैरतंगेज कारनामा
चीन में आयोजित वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स-2026 में रोबोट्स ने ऐसे हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखकर लोगों को अपनी आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो गया। एक रोबोट ने फ्रंट फ्लिप और बैक फ्लिप के साथ कुंगफू मूव्स कर दर्शकों को चौंका दिया।

विस्तार
वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स-2026 का आयोजन कर चीन ने दुनिया के सामने अपनी रोबोटिक ताकत का प्रदर्शन किया। इस आयोजन से ये बात तो साफ हो गई कि ह्यूमनॉइड रोबोट्स वे सभी काम आसानी से करते दिखे जिन्हें पहले काफी मुश्किल माना जा रहा था। इससे यह पता चला कि चीन जैसे देश रोबोट्स का विकास काफी तेजी से कर रहे हैं। आयोजन में कई सारे इवेंट्स हुए जिसमें रोबोट्स दौड़ते, कूदते, एक दूसरे से कुश्ती करते और कई तरह के करतब भी करते दिखे। इस आयोजन में रोबोट्स ने तो इंसान द्वारा बनाई सबसे तेज दौड़ने के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।
इसी इवेंट में एक ऐसा भी रोबोट दिखा जो बिल्कुल इंसानों के जैसे उछल-कूद करता दिखा। इस रोबोट ने फ्रंट फ्लिप और बैक फ्लिप लगाकर दर्शकों को चौंका दिया। बीच-बीच में यह रोबोट कुंगफू और मार्शल आर्ट्स के कुछ स्टेप्स भी करता दिखा। सोशल मीडिया पर लोग इसके करतब देखकर हैरान हैं।
ह्यूमनॉइड रोबोट ने चौंकाया
पहली नजर में कई लोगों को यकीन नहीं हुआ कि रोबोट इतनी सफाई से यह सारे मूव्स कर सकता है। कई लोग तो इस वीडियो को एआई से बनाई गई बताने लगे। हालांकि, आपको बता दें कि यह वीडियो एआई जनरेटे़ नहीं है। इसे चीन बीजिंग शहर में चल रहे वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स-2026 में प्रसारित किया गया है।
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रोबोट ने तोड़ा उसैन बोल्ट का रिकॉर्ड
चीन के वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में तियांगोंग अल्ट्रा नाम के एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 9.39 सेकंड में 100 मीटर दौड़कर दुनिया के सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया। बोल्ट ने 9.58 सेकंड में 100 मीटर दौड़कर रिकॉर्ड बनाया था। पिछले साल इसी प्रतियोगिता में रोबोट ने यह दौड़ 21.50 सेकंड में पूरी की थी।
51 मुकाबलों में रोबोट्स की ताकत का प्रदर्शन
यह आयोजन केवल रोबोट्स की दौड़ तक सीमित नहीं रहा। दूसरे वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में कुल 51 स्पर्धाएं रखी गई थीं। इनमें फुटबॉल, टेबल टेनिस, नृत्य, भार उठाने और औद्योगिक काम से जुड़े मुकाबले भी शामिल थे। इस बार प्रतियोगिता में 16 देशों की 666 टीमों और 2,056 रोबोट्स ने हिस्सा लिया। भाग लेने वाले देशों में जर्मनी, जापान और अमेरिका भी शामिल हैं।
जंग के मैदान में भी उतरेंगे रोबोट्स
चीन ह्यूमनॉइड रोबोट को केवल तकनीकी प्रदर्शन और औद्योगिक रणनीति के तौर पर ही नहीं देख रहा, बल्कि चीन अगले 5-10 वर्षों में ह्यूमनॉइड रोबोट्स का उपयोग सैन्य गतिविधियों में भी शुरू करना चाहता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी कंपनियां अगले पांच से दस वर्षों में ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित कर सकती हैं, जिनका इस्तेमाल सैन्य अभियानों में किया जाएगा। इन रोबोटों का इस्तेमाल किसी देश को अपनी ताकत दिखाने और दूसरे देशों के हमलों को रोकने के लिए किया जा सकता है।
ह्यूमनॉइड रोबोटों की बढ़ती क्षमताएं एक तरफ तकनीकी प्रगति की तस्वीर दिखाती हैं, वहीं दूसरी तरफ इनके सैन्य इस्तेमाल को लेकर सवाल भी खड़े करती हैं। इन मशीनों में सोचने-समझने और फैसले लेने की क्षमता तेजी से विकसित हो रही है। इसलिए आज जो मशीनें खेल के मैदान में दौड़ और मुक्केबाजी कर रही हैं, वे कल जंग के मैदान में भी उतर सकती हैं।
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