YouTube चैनल वालों की मौज, कंपनी के एक फैसले पूरा गेम पलट दिया

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 03 Jun 2023 06:03 PM IST
सार

YouTube ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "मौजूदा समय में हमें लगता है कि इस सामग्री को हटाने से कुछ गलत सूचनाओं पर अंकुश लगता है, राजनीतिक भाषण को कम करने का अनपेक्षित प्रभाव भी हो सकता है। अभद्र भाषा, उत्पीड़न और हिंसा के लिए उकसाने के खिलाफ उसकी बाकी नीतियां चुनाव सहित सभी उपयोगकर्ता सामग्री पर लागू रहेंगी।

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YouTube to Stop Removing Content Spreading Misinformation on Past Elections
Youtube - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    YouTube फर्जी वीडियो और खबरों का प्रमुख अड्डा हो गया है लेकिन अब कंपनी ने इसे बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा फैसला ले लिया है। YouTube ने कहा है कि वह अब चुनाव को लेकर गलत और अफवाह फैलाने वाले वीडियो को नहीं हटाएगा। YouTube ने यह फैसला 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर YouTube पर अपलोड किए गए वीडियो लेकर सुनाया गया है। नया फैसला YouTube की चुनाव संबंधी गलत सूचना नीति का हिस्सा है। यूट्यूब के इस फैसले के बाद चुनाव संबंधित पुराने फर्जी वीडियो फिर से अपलोड हो सकते हैं।

    YouTube ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "मौजूदा समय में हमें लगता है कि इस सामग्री को हटाने से कुछ गलत सूचनाओं पर अंकुश लगता है, राजनीतिक भाषण को कम करने का अनपेक्षित प्रभाव भी हो सकता है। अभद्र भाषा, उत्पीड़न और हिंसा के लिए उकसाने के खिलाफ उसकी बाकी नीतियां चुनाव सहित सभी उपयोगकर्ता सामग्री पर लागू रहेंगी।

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    बता दें कि Twitter और Meta के प्लेटफॉर्म फेसबुक पर भी चुनाव के दौरान गलत सूचनाओं की बाढ़ आ जाती है, लेकिन जिस तरह का फैसला यूट्यूब ने लिया है, उस तरह का फैसला अभी तक किसी अन्य सोशल प्लेटफॉर्म ने नहीं लिया है।

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    इससे पहले मार्च में यूट्यूब ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चैनल से बैन हटाया था, जबकि 2021 में अमेरिका में एक हिंसा के बाद ट्रंप के चैनल को हमेशा के लिए बैन किया गया था। यूट्यूब ने उस दौरान बैन को लेकर कहा था कि ट्रंप ने यूट्यूब की पॉलिसी का उल्लंघन किया है।

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