WhatsApp: ऑटोमैटिक ट्रांसलेशन के लिए नहीं होगा गूगल का इस्तेमाल, मेटा खुद ही है सक्षम
पहले कहा जा रहा था कि इसके लिए WhatsApp, गूगल की लाइव ट्रांसलेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि मेटा WhatsApp के लिए गूगल के किसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करेगा।

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कुछ दिन पहले एक खबर आई थी कि मेटा अपने इंस्टैंट मैसेजिंग एप WhatsApp के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है जिसके आने के बाद WhatsApp के मैसेज का रियल टाइम में अनुवाद होगा। पहले कहा जा रहा था कि इसके लिए WhatsApp, गूगल की लाइव ट्रांसलेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि मेटा WhatsApp के लिए गूगल के किसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करेगा।
एक नई रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि WhatsApp के लाइव ट्रांसलेशन के लिए मेटा खुद की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा। WhatsApp के इस फीचर की टेस्टिंग फिलहाल बीटा वर्जन पर हो रही है। कब तक इसका फाइनल वर्जन रिलीज होगा। इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
व्हाट्सएप के अपकमिंग फीचर के बारे में उसके फीचर्स को ट्रैक करने वाले WABetaInfo ने जानकारी दी थी। अब इसी साइट ने कहा है कि रियल टाइम ट्रांसलेशन के लिए किसी थर्ड पार्टी टेक कंपनी की मदद नहीं ली जाएगी। ऐसे में बड़ा फायदा यह होगा कि अनुवाद वाले मैसेज भी एंड टू एंड एंक्रिप्टेड होंगे।
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