अलर्ट: डिजिटल पेमेंट में हो सकती है दिक्कत, तेजी से बढ़ रहा यूपीआई पर लोड

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 01 May 2021 05:00 PM IST
सार

बैंकों का कहना है कि पिछले तीन सालों में यूपीआई ट्रांजैक्शन दोगुना बढ़ा है जिसे हैंडल करना आसान नहीं है।

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UPI is a key factor for digital payment failure says Indian banks
upi - फोटो : twitter

    विस्तार

    पिछले कुछ महीनों से इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की सेवाएं फेल होने की घटनाएं बढ़ी हैं। आए दिन कोई-ना-कोई बैंक इस समस्या से जूझ रहा है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पेमेंट फेल होने की समस्या इतनी जल्द खत्म नहीं होने वाली है। आने वाले महीनों में इसमें काफी इजाफा देखने को मिल सकता है।

    बैंकों की दलील

    मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट के लगातार फेल होने के पीछे बैंकों की दलील है कि यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है। हर रोज हजारों यूजर्स यूपीआई पेमेंट शुरू कर रहे हैं जिनका लोड सहन करना मोबाइल-पेमेंट गेटवे यूपीआई के लिए मुश्किल है। यूपीआई ट्रांजैक्शन के लोड की वजह से मोबाइल और डिजिटल पेमेंट की सेवाएं बाधित हो रही हैं। बैंकों का कहना है कि पिछले तीन सालों में यूपीआई ट्रांजैक्शन दोगुना बढ़ा है जिसे हैंडल करना आसान नहीं है।

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    आईएमपीएस, एनईएफटी, आरटीजीएस का इस्तेमाल घटा

    वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान अर्थव्यवस्था में 8 फीसदी की गिरावट थी, लेकिन 2,230 करोड़ रुपये के यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए। वहीं आईएमपीएस, एनईएफटी, आरटीजीएस, एटीएम, प्वाइंट ऑफ सेल और चेक जैसे अन्य पेमेंट मोड के जरिए करीब 2,000 करोड़ के ही ट्रांजैक्शन हुए। 2021-22 के दौरान यूपीआई ट्रांजैक्शन के 3,000-3,500 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

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