Betting Apps: ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्स पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 23 May 2025 02:28 PM IST
सार

के. ए. पॉल, जो कोर्ट में स्वयं उपस्थित हुए ने कहा, “मैं उन लाखों माता-पिताओं की ओर से आया हूं जिनके बच्चों ने पिछले कुछ वर्षों में जान गंवाई है। केवल तेलंगाना में ही 1,023 से अधिक लोगों ने आत्महत्या की है, क्योंकि 25 बॉलीवुड और टॉलीवुड अभिनेता/इन्फ्लुएंसर मासूमों की जिंदगी से खेल रहे हैं।”

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Supreme Court seeks response from Central Government on petition to ban online betting apps
Online betting app - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से एक जनहित याचिका (PIL) पर जवाब मांगा है, जिसमें सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी एप्लिकेशनों को विनियमित करने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह नोटिस के. ए. पॉल द्वारा दायर याचिका पर जारी किया, जिन्होंने दावा किया कि कई बच्चों ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए में लिप्त होने के कारण आत्महत्या की है। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन इन्फ्लुएंसर, अभिनेता और क्रिकेटर इन एप्स का प्रचार कर रहे हैं, जिससे बच्चे सट्टेबाजी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

    के. ए. पॉल, जो कोर्ट में स्वयं उपस्थित हुए ने कहा, “मैं उन लाखों माता-पिताओं की ओर से आया हूं जिनके बच्चों ने पिछले कुछ वर्षों में जान गंवाई है। केवल तेलंगाना में ही 1,023 से अधिक लोगों ने आत्महत्या की है, क्योंकि 25 बॉलीवुड और टॉलीवुड अभिनेता/इन्फ्लुएंसर मासूमों की जिंदगी से खेल रहे हैं।”

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    उन्होंने दावा किया कि इस मामले में तेलंगाना में एफआईआर दर्ज की गई है, क्योंकि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि यह समाज की एक विकृति है और केवल कानून बनाकर इसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता।

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