Zoom वीडियो कॉलिंग से सिक्योरिटी का खतरा, CERT ने जारी की एडवाइजरी

कोरोना वायरस के कारण देश और दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन होने के बाद लाखों घर से काम कर रहे हैं। घर से काम के दौरान मीटिंग स्काइप या फिर जूम जैसे वीडियो कॉलिंग एप के जरिए हो रही है। वर्क फ्रॉम होम के दौरान जूम वीडियो कॉलिंग एप का इस्तेमाल बड़े स्तर पर हो रहा है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के मामले में माइक्रोसॉफ्ट के स्काइप को भी पीछे छोड़ दिया है। डाउनलोडिंग के मामले में जूम एप गूगल प्ले-स्टोर और एपल एप स्टोर पर टॉप ट्रेडिंग में आ गया है लेकिन इसी बीच सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और राष्ट्रीय साइबर-सुरक्षा एजेंसी ने गुरुवार को लोकप्रिय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप जूम की सिक्योरिटी को लेकर लोगों को आगाह किया है। CERT-In ने कहा है कि जूम एप साइबर हमलों का जरिया बना सकता है। इस एप के जरिए साइबर अपराधी सरकारी और निजी कार्यालयों से डाटा चोरी करके उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। सीईआरटी ने कहा है कि जूम एप के साथ डाटा लीक का खतरा है। सुझाव के तौर पर एजेंसी ने कहा है कि जूम एप के इस्तेमाल से पहले एप को अप-टू-डेट रखें और मजबूत पासवर्ड रखें। इसके अलावा एप में वेटिंग फीचर को ऑन रखें ताकि मीटिंग में हिस्सा लेने वाले लोगों पर कंट्रोल बना रहे।
जूम के सीईओ एरिक एस युआन ने अपने एक ब्लॉग में बताया है कि दिसंबर 2019 में जूम के डेली एक्टिव यूजर्स की संख्या 10 मिलियन एक करोड़ थी जो मार्च 2020 में 200 मिलियन यानी 20 करोड़ हो गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण दुनियाभर के 20 देशों के 90,000 से अधिक स्कूल भी जूम एप का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सीईओ एरिक एस युआन ने सिक्योरिटी को लेकर उठ रहे सवाल पर कहा है कि कंपनी मामले की जांच कर रही है और अगले 90 दिनों में सिक्योरिटी के मसले को हल किया जाएगा। सिक्योरिटी पैच के लिए अपडेट जारी किया जाएगा। युआन ने कहा है कि जूम एप को पहले सिर्फ इंटरप्राइजेज के लिए डिजाइन किया गया था लेकिन कोरोना वायरस के फैलने के बाद इसका इस्तेमाल ऑफिस मीटिंग के लिए भी होने लगा है। ऐसे में हमें उन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जिसकी हमें उम्मीद नहीं थी, हालांकि हम इस पर काम कर रहे हैं।