देश में 67 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित, आरोग्य सेतु एप पर केवल 13 हजार की जानकारी

भारत सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को ट्रैक करने के लिए लॉन्च किए गए एप आरोग्य सेतु की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर काफी दिनों से बवाल मचा हुआ है। हाल ही में फ्रांस एक हैकर ने आरोग्य सेतु एप को हैक करके दावा किया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय में तीन लोगों की तबीयत खराब है।
इस दावे के बाद आरोग्य सेतु एप को लेकर सरकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरोग्य सेतु एप, अब तक का सबसे सुरक्षित एप है। इसके साथ डाटा प्राइवेसी और डाटा चोरी का कोई खतरा नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एम्पावर्ड ग्रुप-9 के चेयरमैन अजय साहनी ने कहा कि आरोग्य सेतु एप से निजता को कोई खतरा नहीं है।
उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु एप के डाटा का दुरुपयोग नहीं होगा। साहनी के मुताबिक सिर्फ कोरोना पॉजिटिव यूजर्स का ही डाटा सर्वर पर जाता है और उसे भी मरीज के ठीक होने के 60 दिन बाद डिलीट कर दिया जाता है। फिलहाल यह एप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर मौजूद है। यह 11 भाषाओं (10 भारतीय भाषाएं और अंग्रेजी) में उपलब्ध है।
अजय साहनी ने बताया कि आरोग्य सेतु एप के यूजर्स की संख्या 9.8 करोड़ हो गई है लेकिन सिर्फ 13 हजार लोगों का ही डाटा सर्वर पर है। बता दें कि नीति आयोग के सीईओ की अध्यक्षता में एम्पावर्ड ग्रुप-9 का गठन किया गया है। यह ग्रुप कोरोना से लड़ने में सरकार की मदद कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोग्य सेतु एप को 12 मई से जियो फोन के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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बता दें कि इससे पहले आरोग्य सेतु एप के फीचर्स को फीचर फोन के लिए भी आरोग्य सेतु आईवीआरएस के जरिए उपलब्ध कराया गया है। यह एक टोल-फ्री यानी नि:शुल्क सेवा है, जिसके तहत नागरिकों को 1921 नंबर पर एक मिस्ड कॉल करने के लिए कहा जाता है और इसके बाद उन्हें प्राप्त कॉल बैक में उनसे अपने स्वास्थ्य के बारे में आवश्यक जानकारियां देने का अनुरोध किया जाता है।
पूछे जाने वाले प्रश्न आरोग्य सेतु एप से जुड़े होते हैं और इसके जो जवाब मिलते हैं उनके आधार पर संबंधित नागरिक को उनके स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के बारे में संकेत देने वाला एक एसएमएस मिलेगा और इसके साथ ही आगे भी उनके स्वास्थ्य के बारे में अलर्ट मिलेंगे।
संबंधित नागरिकों द्वारा दी जाने वाली जानकारियों को आरोग्य सेतु डेटाबेस का हिस्सा बनाया जाएगा और इन सूचनाओं की प्रोसेसिंग की जाएगी, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर उन्हें अलर्ट भेजा जा सके।