इंसानों के शरीर से चार्ज होंगे गैजेट, हकीकत में बदलेगी मैट्रिक्स फिल्म की कहानी

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 12 Feb 2021 05:15 PM IST
Matrix Style Bracelets May Turn Humans Into Batteries by Converting thermoelectric Into Energy
Matrix Style Bracelets - फोटो : advances.sciencemag.org

    1999 में मैट्रिक्स (Matrix) नाम से एक हॉलीवुड फिल्म आई थी जिसे आप में से कई लोगों ने देखी होगी। अब 20 साल बाद इस फिल्म की कहानी हकीकत में बदलने जा रही है। इंसान को जल्द ही किसी गैजेट को चार्ज करने के लिए बैटरी या बिजली की जरूरत नहीं होगी।

    इंसान खुद अपने शरीर से ही स्मार्टवॉच जैसे वियरेबल गैजेट को चार्ज कर सकेगा। मैट्रिक्स फिल्म में इंसानों ने ही रोबोट को ऊर्जा देने का काम किया था। फिल्म में एक डायलॉग है कि इंसानी शरीर 120 वोल्ट से अधिक बायो बिजली उत्पन्न करती है और शरीर की गर्मी 25000 BTUs से अधिक होती है।

    अब वैज्ञानिक इस डायलॉग को हकीकत में बदलने के काफी करीब पहुंच चुके हैं। कोलोराडो बोल्डर विश्वविद्यालय (UCB) के वैज्ञानिकों ने एक स्मार्ट बैंडेड तैयार किया है जिसकी मदद से इंसान अपने शरीर से वियरेबल डिवाइस को चार्ज कर सकेगा। यह बैंडेड रबड़ का है जिसे ब्रेसलेट या अंगूठी के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

    दावे के मुताबिक शरीर के किसी भी हिस्से के संपर्क में आते ही यह बैंडेड थर्मो इलेक्ट्रिक जेनरेटर की मदद से शरीर की गर्मी को बिजली में बदल देता है। यह स्मार्ट बैंडेड प्रति स्क्वॉयर फीट एक वोल्ट की बिजली पैदा करता है जो कि किसी फिटनेस ट्रैकर या स्मार्टवॉच को चार्ज करने के लिए पर्याप्त है। इस खास बैंडेड को पॉलीमाइन से तैयार किया गया है।

    UCB में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाह के प्रोफेसर पॉल एम रेडी के मुताबिक भविष्य में बिना बैटरी और बिना बिजली इंसान अपने शरीर से वियरेबल डिवाइस को चार्ज कर सकेगा। रेडी ने कहा कि थर्मोइलेक्ट्रिक डिवाइस की खास बात यह है कि इसे आप पहन सकते हैं और जब चाहे किसी डिवाइस को चार्ज कर सकेंगे। आने वाले समय में इस डिवाइस में और थर्मोइलेक्ट्रिक चिप लगाकर इसकी क्षमता को बढ़ाया जा सकेगा।

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