लेट्सट्रैक पर्सनल जीपीएस ट्रैकर रिव्यू: अपनों की हिफाजत के लिए एक कंप्लीट डिवाइस

तमाम तरह की जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस तैयार करने वाली कंपनी लेट्सट्रैक (Letstrack) ने कुछ दिन पहले ही भारत में पर्सनल ट्रैकिंग डिवाइस पेश किया है जिसकी कीमत 6,999 रुपये है। इस डिवाइस की मदद से आप अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों के अलावा अपने पालतू जानवरों की भी लोकेशन लाइव ट्रैक कर सकते हैं। लेट्सट्रैक की पर्सनल ट्रैकिंग डिवाइस छोटी-सी है जिसे आप बैग, पर्स या जेब में रख सकते हैं। यह डिवाइस हमारे पास रिव्यू के लिए आई थी जिसे हमने इस्तेमाल किया तो आइए रिव्यू में जानते हैं यह डिवाइस आपके लिए कितने काम की है?

स्पेसिफिकेशन
इसमें 1000mAh की बैटरी है जिसे लेकर कंपनी ने 2 दिन तक के बैकअप का दावा किया है। इसमें जीपीएस रिसीवर दिया गया है। इस इस्तेमाल करने के लिए आपको अपने फोन में लेट्सट्रैक का मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा और मोबाइल नंबर से रजिस्टर करना होगा। इसकी मदद से आप रियल टाइम लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं और साथ ही हिस्ट्री भी देख सकते हैं। इसमें आप जोन भी बना सकते हैं। जोन (इलाका) बनाने के बाद जैसे ही इस डिवाइस के साथ कोई तय जोन से बाहर जाता है तो आपको फोन पर नोटिफिकेशन मिल जाएगा। लेट्सट्रैक ऐप की मदद से आप कार की स्पीड भी चेक कर सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि इस डिवाइस के साथ कोई किसी कार में सफर कर रहा है तो आप ऐप के जरिए जान पाएंगे कि कार कितनी स्पीड से चल रही है। इसके साथ एक साल की वारंटी मिलेगी। डिवाइस के साथ बॉक्स में आपको चार्जिंग एडाप्टर, केबल, यूजर मैनुअल और वारंटी कार्ड मिलेगी।

डिजाइन
लेट्सट्रैक की पर्सनल जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस छोटी-सी है जिसे आप मुट्ठी में भी रख सकते हैं। इसके अलावा इसमें एक छेद भी दिया गया है जिसकी मदद से आप इसमें धागे जैसी कोई चीज लगा सकते हैं और उसके बाद इसे अपने पालतू पशु के गले में बांध सकते हैं। हालांकि यदि आप परिवार के सदस्य या दोस्त के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आप इस डिवाइस को उसकी जेब या बैग में ऑन करके रख सकते हैं। वैसे इस डिवाइस की साइज बड़ी तो नहीं है लेकिन इसे और छोटा होना चाहिए था, क्योंकि छोटा होने की वजह से आपात स्थिति में इसे कहीं छिपाया जा सकता था। उदाहरण के लिए, खुदा ना खास्ता किसी का अपहरण हो जाए और यह डिवाइस उसके पास हो। ऐसे में बड़ी डिवाइस होने के बावजूद आप उसे ट्रैक नहीं कर पाएंगे, क्योंकि इसकी साइज इतनी है कि इसे आसानी से कहीं छिपाया नहीं जा सकता। डिवाइस की बॉडी मैटेरियल अच्छी है और इसमें दो बटन दिए गए हैं जो कि पावर ऑफ/ऑन और इमरजेंसी बटन हैं। इसके अलावा इसमें एक माइक्रो यूएसबी चार्जिंग पोर्ट और एक इंडिकेटर मिलेगा। यह डिवाइस केवल एक ही कलर वेरियंट ब्लैक कलर में उपलब्ध है।

सेटअप
इस डिवाइस को सेटअप करना कोई मुश्किल काम नहीं है। सबसे पहले आपको फोन में गूगल प्ले-स्टोर से या एपल के ऐप स्टोर से लेट्सट्रैक का मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आप डिवाइस के पीछे दिए गए डिवाइस नंबर की मदद से आप डिवाइस को रजिस्टर कर सकते हैं। इस डिवाइस को खरीदने और एक्टिव करने के लिए आपको अपनी आईडी प्रूफ देनी होगी। वैसे यदि आपको सेटअप में कोई दिक्कत हो रही है तो लेट्सट्रैक के कस्टमर केयर से आप संपर्क कर सकते हैं। वे घर पर आकर या फिर फोन पर आपको लाइव डेमो दे सकते हैं और डिवाइस का सेटअप करवा सकते हैं।
परफॉर्मेंस
परफॉर्मेंस में सबसे पहले बैटरी की बात करें तो इसकी बैटरी लगातार ऑन रखने पर दो दिनों तक चलती है, वहीं यदि आप 3-4 घंटे इस्तेमाल करके बंद कर देते हैं तो बैटरी तीन दिन तक का बैकअप दे सकती है। अब सवाल यह कि आखिर यह जीपीएस डिवाइस है तो काम कितना करती है। तो रिव्यू के दौरान हम रियल टाइम में अपने दोस्त को इस डिवाइस के साथ लाइव ट्रैक करने में सफल रहे। हमें लगातार लोकेशन को ट्रैक कर रहे थे। इस दौरान हमारे दोस्त ने बस और मेट्रो की सफर की तो हमें उसकी स्पीड की भी जानकारी फोन में इंस्टॉल्ड लेट्सट्रैक के ऐप पर मिली। इस डिवाइस में एक इमरजेंसी बटन दिया गया है जो कि लाल रंग का है।

इमरजेंसी की स्थिति में इस बटन को दबाने पर आपके फोन पर इमरजेंसी अलार्म बजेगा और उस दौरान आपको डिवाइस की लाइव लोकेशन भी पता चल जाएगी। इस डिवाइस को आप अपने बच्चे के स्कूल बैग या बेल्ट डाल सकते हैं और जोन का चुनाव कर सकते हैं। ऐसे में जैसे ही आपका बच्चा इस डिवाइस के साथ जोन से बाहर जाएगा तो आपके फोन पर नोटिफिकेशन मिल जाएगी। अच्छी बात यह है कि आप इस डिवाइस की लोकेशन अपने किसी दोस्त के साथ भी शेयर कर सकते हैं, इसके लिए आपको छोटी-सी सेटिंग करनी होगी।

कमियां
लेट्सट्रैक के ऐप में अभी कुछ कमियां भी हैं जिन्हें कंपनी को दूर करना होगा। जैसे- कई बार ग्रुप, फ्रेंड्स या डिवाइस को एड करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कई बार इमरजेंसी बटन दबाने पर नोटिफिकेशन ही नहीं जाती है और कई बार नोटिफिकेशन काफी देर से जाती है। इस पर कंपनी को अभी काम करने की जरूरत है। इसके अलावा बैटरी बैकअप को लेकर भी कंपनी को सोचने की जरूरत है, क्योंकि कई बार बैटरी कम होने पर ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। तो कुल मिलाकर बात यही है कि यदि कंपनी इन कमियों को दूर करती है तो अपनों की हिफाजत रखने के लिए यह एक परफेक्ट जीपीएस डिवाइस है।