GoPro: क्या बंद होने वाली है एक्शन कैमरा किंग गोप्रो? भारी कर्ज और मंदी के बीच मंडराया दिवालिया होने का खतरा

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Wed, 10 Jun 2026 06:15 PM IST
सार

GoPro Financial Crisis:

दुनिया की मशहूर एक्शन कैमरा कंपनी गोप्रो (GoPro) मुश्किल दौर से गुजर रही है। बिक्री में लगातार गिरावट, मेमोरी हार्डवेयर की बढ़ती कीमतें और बढ़ते वित्तीय दबाव के बीच कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि उसके भविष्य को लेकर गंभीर अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार दस्तावेजों के अनुसार कंपनी पर दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा है।

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एक्शन कैमरा - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    अगर आप एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन हैं या व्लॉगिंग करते हैं, तो GoPro नाम से जरूर वाकिफ होंगे। दुनिया भर के ट्रैवलर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के दिलों पर राज करने वाली इस दिग्गज एक्शन कैमरा कंपनी के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं। हाल ही में सामने आए कुछ नए अमेरिकी शेयर बाजार के दस्तावेजों ने टेक जगत में खलबली मचा दी है। इन आधिकारिक कागजातों से खुलासा हुआ है कि लगातार घटती बिक्री और कैमरों में इस्तेमाल होने वाले मेमोरी हार्डवेयर की आसमान छूती कीमतों के चलते कंपनी गहरे वित्तीय संकट में फंस गई है। हालात इतने नाजुक हैं कि कंपनी के वजूद पर ही संकट मंडराने लगा है।एक्सचेंज फाइलिंग में सामने आई सच्चाई

    1 जून को अमेरिकी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन को दाखिल किए गए दस्तावेजों में कंपनी ने खुद बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। GoPro ने स्वीकार किया है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए कंपनी को आगे चालू रख पाने की राह में संशय और गहरे सवाल खड़े हो गए हैं।यह खबर उस वक्त सामने आई है जब कंपनी पहले से ही खुद को बेचने के लिए खरीदार की तलाश कर रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो गोप्रो को साल 2024 में 432.3 मिलियन डॉलर का भारी घाटा हुआ था, जो साल 2025 में भी थमने का नाम नहीं लिया और कंपनी को 93.5 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।

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    एआई ने बढ़ाई मुश्किलें: 110% तक महंगे हुए कल-पुर्जे

    GoPro की इस बदहाली के पीछे सिर्फ कैमरों की कम बिक्री ही वजह नहीं है, बल्कि टेक इंडस्ट्री में चल रहा एक बड़ा संकट भी है। आज के समय में जब पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दौर चल रहा है, तब डेटा सेंटर्स के लिए मेमोरी चिप्स की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है। इस वजह से गोप्रो को कैमरे के पुर्जे देने वाले सप्लायर्स ने सप्लाई काफी कम कर दी है। इसके चलते कंपनी के लिए मेमोरी हार्डवेयर की लागत में 80 से लेकर पूरे 110 फीसदी तक की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो गई है। रही-सही कसर इस साल अप्रैल और मई के महीने में हुई बेहद सुस्त बिक्री ने पूरी कर दी।

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    कंपनी द्वारा दाखिल किए गए 8-के फॉर्म के मुताबिक, गोप्रो के लिए अगले बारह महीनों के भीतर अपना कर्ज चुका पाना बेहद मुश्किल होने वाला है। इस रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि अगर कंपनी को जल्द ही फंड जुटाने का कोई नया जरिया नहीं मिला या कोई बड़ी रणनीतिक डील नहीं हुई, तो कंपनी को अपने ऑपरेशंस को बहुत छोटा करना पड़ेगा, या उसे पूरी तरह बंद करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, ऐसी स्थिति में कंपनी को अमेरिकी दिवालियापन कानून के तहत संरक्षण की गुहार लगानी पड़ सकती है।नई उम्मीद बन सकती है Mission 1 सीरीज

    हालांकि, तकनीकी और व्यावसायिक नजरिए से देखें तो इस तरह के दस्तावेजों का सामने आना यह कतई नहीं तय करता कि कंपनी कल ही बंद होने जा रही है। खुद GoPro ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल दिवालिया होने की कोई पुख्ता योजना नहीं बनाई गई है।ठीक ऐसा ही संकट पिछले साल दिग्गज फोटोग्राफी कंपनी Kodak पर भी आया था, लेकिन उसने अपने पेंशन फंड का सही इस्तेमाल करके न सिर्फ कर्ज चुकाया बल्कि साल के अंत तक मुनाफे में भी लौट आई।GoPro भी संकट से उबरने का प्रयास कर रही है। कंपनी ने पहले ही अपने 23 फीसदी स्टाफ की छंटनी कर दी है ताकि खर्चों को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा कंपनी को टेक मार्केट से मिलने वाले खरीद प्रस्तावों पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है।सबसे बड़ी उम्मीद कंपनी को अपने बिल्कुल नए कैमरे GoPro Mission 1 सीरीज से है, जिसकी डिलीवरी महज कुछ ही दिन पहले शुरू हुई है। यह कैमरा 1-इंच के बेहद पावरफुल सेंसर और 8K वीडियो रिकॉर्डिंग क्षमता के साथ आता है। अब देखना यह होगा कि क्या यह नया गैजेट गोप्रो की डूबती नैया को पार लगा पाता है या नहीं।

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