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Brij Bhushan Singh: छह बार से सांसद, बाबरी मामले में आरोप लगे, जानें विवादों में आए कुश्ती संघ प्रमुख को

Wed, 18 Jan 2023 07:23 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Wed, 18 Jan 2023 07:23 PM IST
सार

बृजभूषण सिंह 2011 से भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बने हुए हैं। उन पर अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराने के मामले में भी आरोपी बनाया गया था, जिससे वह 2020 में बरी हो गए थे। 
 

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Who is Brij Bhushan Sharan Singh whome vinesh phogat accused of harassment
बृजभूषण सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत के कई दिग्गज पहलवानों की अगुआई में 30 भारतीय पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन कर रहे हैं। इन पहलवानों का आरोप है कि कुश्ती संघ उनका शोषण कर रहा है। संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह मनमाने तरीके से संघ को चला रहे हैं। पहलवानों के साथ उनके कोच नहीं भेजे जाते और विरोध करने पर धमकाया जाता है। महिला पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि बृजभूषण सिंह ने कई लड़कियों का यौन शोषण किया है। उनके पसंदीदा लोग भी लड़कियों का शोषण करते हैं। कोच खिलाड़ियों के अलावा महिला कोच का भी शोषण करते हैं। 
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यह पहला मौका नहीं है, जब बृजभूषण सिंह विवादों में आए हैं। बृजभूषण सिंह के करियर की शुरुआत ही विवादों के साथ हुई और अब वह कुश्ती संघ के अध्यक्ष होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं में शामिल हैं। 
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बृजभूषण शरण सिंह 2011 से भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं। वह फरवरी 2019 में लगातार तीसरी बार डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके अलावा वह यूपी के गोंडा जिले की कैसरगंज सीट से भाजपा सांसद भी हैं। बृजभूषण लगातार छह बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। वह अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए भी जाने जाते हैं।

पहले चुनाव में ही बनाया रिकॉर्ड
बृजभूषण ने पहली बार 1991 में चुनाव लड़ा था और आनंद सिंह को रिकॉर्ड 1.13 लाख वोट से हराया था। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। बलरामपुर में भाजपा को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में बृजभूषण को इस सीट से टिकट दिया गया और उन्होंने यहां कमल खिला दिया। इसके बाद गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या समेत कई जिलों में उनका प्रभुत्व बढ़ता गया। 1999 के बाद से वह कभी भी चुनाव नहीं हारे हैं। हालांकि, अलग-अलग चुनाव में उनकी सीट बदलती रही, लेकिन नतीजा हर बार उनके पक्ष में रहा। 

मतभेद के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी। 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर कैसरगंज से जीत दर्ज की। हालांकि, 2014 चुनाव से पहले फिर भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद 2014 और 2019 लोकसभा चुनाव में कैसरगंज सीट से भाजपा के टिकट से जीते। बृजभूषण के बेटे प्रतीक भूषण भी राजनीति में हैं। प्रतीक गोंडा से भाजपा विधायक हैं।

आडवाणी के साथ विवादित ढांचे के मामले में भी आरोपी रहे
बृजभूषण शरण सिंह उन 40 आरोपियों में से एक थे, जिन्हें 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के लिए जिम्मेदार कहा गया था। हालांकि, लंबे समय तक कानूनी लड़ाई के बाद 30 सितंबर 2020 को कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।  

छात्र नेता के रूप में शुरू किया करियर
साल 1956 में आठ जनवरी के दिन गोंडा के विश्नोहरपुर में जन्में बृजभूषण शरण सिंह कुश्ती और पहलवानी के शौकीन हैं। उन्होंने 1979 में कॉलेज से छात्र नेता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। यहां उन्होंने रिकॉर्ड वोटों से छात्रसंघ का चुनाव जीता था। इसके बाद 1980 के दौर युवा नेता के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई और 1988 के दौर में पहली बार भाजपा से जुड़े। यहां हिंदूवादी नेता रूप में उन्होंने अपनी छवि बनाई और 1991 में रिकॉर्ड मतों के साथ चुनाव जीता। हालांकि कुछ समय बाद टाडा से जुड़े मामले में वह जेल चले गए और उनकी राजनीति कमजोर पड़ी, लेकिन वापसी के बाद उन्होंने लगातार चुनाव जीते।

आरोपों पर कुश्ती संघ के अध्यक्ष का क्या कहना है?
अपने ऊपर लगे आरोपों पर कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'क्या ऐसा कोई खिलाड़ी है जो आकर कह सकता है कि कुश्ती संघ ने उसका शोषण किया?  क्या उन्हें पिछले दस साल से फेडरेशन से कोई समस्या नहीं थी? ये सारी बातें तब हो रही हैं जबसे नए नियम लागू किए गए हैं। धरने पर बैठे पहलवानों ने ओलंपिक के बाद से किसी भी राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया है। यौन शोषण की कोई घटना नहीं हुई है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो मैं फांसी लगा लूंगा।'

उन्होंने कहा, 'मैं विनेश फोगाट से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने ओलंपिंक में हार के बाद कंपनी की लोगो वाली पोशाक क्यों नहीं पहनी थी? उसके मैच हारने के बाद, मैंने केवल उसे प्रोत्साहित और प्रेरित किया था। यौन शोषण बहुत बड़ा आरोप है। जब मुझे ही इसमें घसीटा गया है तो मैं कैसे कोई कार्रवाई कर सकता हूं? मैं जांच के लिए तैयार हूं।'
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