फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   US Senate Foreign Relations Committee applaud India for boycott of the Beijing Olympics

Beijing Olympics: बीजिंग ओलंपिक के बहिष्कार में शामिल हुआ भारत, अमेरिकी सीनेट के चेयरमैन ने की सराहना

Fri, 04 Feb 2022 12:21 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Fri, 04 Feb 2022 12:21 PM IST
सार

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों के बाद भारत ने भी बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार किया है। अमेरिकी सीनेट के चेयरमैन ने भारत के इस कदम की सराहना की है। बीजिंग ओलंपिक चार से 20 फरवरी के बीच आयोजित होंगे। 
 

विज्ञापन
US Senate Foreign Relations Committee applaud India for boycott of the Beijing Olympics
भारत ने भी बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार किया है - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चार से 20 फरवरी के बीच बीजिंग में आयोजित होने वाले शीतकालीन ओलंपिक का भारत ने बहिष्कार कर दिया है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों के बाद भारत ने बीजिंग ओलंपिक के बहिष्कार का समर्थन किया है। चीन की चाइना कम्यूनिस्ट पार्टी ने मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हुए हांग कांग, तिब्बत और अपनी उइगर आबादी की शोषण किया है। साथ ही शीतकालीन ओलंपिक के जरिए चीन अपनी छवि सुधारना चाह रहा है। इसी के विराध में अमेरिका सहित कई देश ओलंपिक का बहिष्कार कर रहे हैं। 
विज्ञापन


अमेरिका के द्वारा शुरू की गई इस मुहिम में भारत के शामिल होने के बाद अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के चेयरमैन ने भारत की सराहना की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा "मैं बीजिंग ओलंपिक के राजनयिक बहिष्कार में शामिल होने के लिए भारत की सराहना करता हूं। हम उन सभी देशों के साथ खड़े हैं जो सीसीपी के जघन्य मानवाधिकारों के हनन और ओलंपिक 2022 को राजनीतिक जीत में बदलने के प्रयास को खारिज करते हैं।"
विज्ञापन

Image

भारत से पहले बहिष्कार में शामिल हो चुके हैं कई देश
अमेरिका ने सबसे पहले शीतकालीन ओलंपिक के राजनयिक बहिष्कार की घोषणा की थी। इसके बाद से अब तक ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, एस्टोनिया, जापान, कोसोवो, लातविया, लिथुआनिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, स्वीडन और ब्रिटेन जैसे देशों ने आंशिक रूप से या पूरी तरह से इस बहिष्कार को समर्थन दिया है। अमेरिका के नेतृत्व वाले इस बहिष्कार को कम करने के लिए चीन ने कड़ी मेहनत की है। अब भारत भी इन देशों के साथ शामिल हो चुका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इन मामलों पर हो रहा है चीन का विरोध
चीन अपनी उइगर आबादी के साथ कठोर व्यवहार, हांगकांग में बढ़ती अधीनता, तिब्बत के दमन, दक्षिण चीन सागर में अवैध क्षेत्रीय दावों और ताइवान के खिलाफ जबरदस्ती के मामले पर दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया का सामना कर रहा है। चीन के शिनजियांग में दस लाख से अधिक मुसलमानों को यातना शिविरों में कैद किया गया। पिछले साल लगभग 700,000 तिब्बती किसानों और खानाबदोशों के साथ जबरदस्ती हुई। तिब्बतियों को जबरन विचार परिवर्तन, घुसपैठ निगरानी, राजनीतिक पुन: शिक्षा, सैन्य-शैली के अधीन किया गया। इन सभी मामलों पर दुनियाभर में चीन का विरोध हो रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed