सात्विक साईराज फ्रैक्चर के चलते कोर्ट से थे बाहर, अब विश्व चैंपियन को हराकर रच चुके हैं इतिहास
यह बीते वर्ष दिसंबर माह की घटना है। अमेरिका में छुट्टियां मनाने के दौरान सात्विक साईराज रैंकीरेड्डी की छाती में फ्रैक्चर हो गया। उन्हें इसका अंदाजा भी नहीं था कि उनकी छाती में फ्रैक्चर है और वह जनवरी में प्रीमियर बैडमिंटन लीग में खेलने उतर गए जो उनके लिए मुसीबत बन गया। चोट बुरी तरह गहरा गई वह कोर्ट से बाहर हो गए। सात्विक को अच्छी तरह याद है कि वह कितना खराब समय था। वह गोपीचंद अकादमी में कोर्ट के बाहर बैठे रहते थे और अपने साथी चिराग शेट्टी के अलावा सिंधू, साइना, श्रीकांत जैसों को खेलते देख कोर्ट पर वापसी का ताना-बाना बुनते रहते थे।
बैंकाक में खिताब जीतने के बाद सात्विक ने अमर उजाला से खुलासा किया कि वह इस दौरान साथियों को खेलते देखते थे। ऐसा करने करने से उन्हें वापसी के लिए मानसिक मजबूती मिलती थी। उन्हें लगता था कि वह भी जल्द उन्हीं की तरह कोर्ट पर वापसी करेंगे। उन्होंने इस दौरान काफी कुछ सीखा और पहले से ज्यादा मानसिक रूप से मजबूत खिलाड़ी बनकर कोर्ट पर उतरे।
अभी भी आंखों के सामने घूम रहे हैं विजयी क्षण
सात्विक को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने विश्व चैंपियन और पूर्व विश्व चैंपियनों को हराकर पहला सुपर सीरीज डबल्स खिताब जीता है। सात्विक के अनुसार उनके पास कोई शब्द नहीं हैं। सच्चाई यह है कि उन्होंने यह सोचा ही नहीं था कि वह और चिराग इतना उच्चस्तरीय और समझदारी भरा खेल दिखाकर विश्व चैंपियन ली जुन हुई, ल्यू यू चेन, पूर्व विश्व चैंपियन को सुंग ह्यून, शिन बेक चोल को हराएंगे। उन्हें अब तक इस बात का विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने टूर्नामेंट जीत लिया है। उनकी आंखों के सामने अब तक विजयी क्षण घूम रहे हैं।
कैरियर का सबसे बड़ा परिणाम है
सात्विक साफगोई से स्वीकार करते हैं कि यह उनके कैरियर का सबसे बड़ा परिणाम है। सुपर सीरीज का खिताब आज तक किसी पुरुष डबल्स जोड़ी ने नहीं जीता। वह इतने बड़े खिलाडिय़ों को हराकर, वाकई यह शानदार क्षण है।
सकारात्मक खेल ने दिलाया परिणाम
यह मलेशियाई कोच तान किम हर थे जिन्होंने सात्विक और चिराग की जोड़ी बनवाई थी। उनके कार्यकाल में ही इस जोड़ी ने विश्व के पहले 16 में स्थान बनाया। तान किम इस साल मार्च में अनुबंध छोड़कर चले गए। इसके बाद इंडोनेशिया के पूर्व विश्व चैंपियन फ्लेंडी लिंपेले और नामरीह सुरोतो के अलावा ड्वी क्रिस्टियावान केसंरक्षण में दोनों ने ट्रेनिंग शुरू की। सात्विक के मुताबिक इस परिणाम के पीछे कोचेज की मेहनत तो है ही, लेकिन एक बड़ा कारण यह भी है कि चोट से उबरने के बाद अप्रैल में जब उन्होंने वापसी की तो वह और अधिक परिपक्व हो गए थे। दोनों ने इस टूर्नामेंट में काफी परिपक्वता और समझदारी भरा खेल दिखाया जिसका परिणाम जीत के रूप में मिला।