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रोजर फेडरर का नंबर वन पर तिहरा शतक
शंघाई/खेल डेस्क
Updated Sat, 13 Oct 2012 12:54 PM IST
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दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर ने अपने शानदार कैरियर में 300 सप्ताह तक नंबर एक की बादशाहत अपने नाम रखने की शानदार उपलब्धि हासिल कर ली है।
31 वर्षीय फेडरर ने बृहस्पतिवार को शंघाई मास्टर्स में हमवतन स्टानिस्लास वावरिंका को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करने के साथ ही नंबर एक पोजीशन पर रहने का तिहरा शतक पूरा कर लिया। सर्वाधिक 17 ग्रैंड स्लैम खिताबों के विजेता फेडरर पहली बार फरवरी 2004 में नंबर एक बने थे। वह अगस्त 2008 तक रिकॉर्ड लगातार 237 सप्ताह तक नंबर वन बने रहे।
इसके बाद उनके कैरियर में कुछ उतार चढ़ाव आते रहे। पहले स्पेन के राफेल नदाल और फिर सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने उनकी बादशाहत पर ग्रहण लगाए। लेकिन इस साल विंबलडन में कमाल की वापसी करते हुए न केवल सातवीं बार विंबलडन खिताब जीतकर अमेरिका के पीट सम्प्रास की बराबरी की बल्कि वह फिर से नंबर एक की कुर्सी पर लौट आए। एक सप्ताह बाद ही उन्होंने सम्प्रास के 286 सप्ताह तक नंबर वन बने रहने के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
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अपनी इस उपलब्धि से खुश फेडरर ने कहा, ‘मेरे लिए यह अद्भुत संख्या है। मैं जब छोटा था तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस नंबर तक पहुंच सकूंगा। मेरा तो यही सपना था कि मैं टूर में खेलूं, विंबलडन खेलूं और कभी जाकर नंबर वन बन जाऊं। लेकिन अब तो मैं 300 सप्ताह तक नंबर वन रह चुका हूं। निश्चित ही यह सब कुछ अद्भुत है लेकिन मेरी बड़ी उपलब्धियों में से एक है। मुझे इस संख्या को देखकर बेहद संतोष होता है क्योंकि यह मेरी मेहनत का परिणाम है।’
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31 वर्षीय फेडरर ने बृहस्पतिवार को शंघाई मास्टर्स में हमवतन स्टानिस्लास वावरिंका को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करने के साथ ही नंबर एक पोजीशन पर रहने का तिहरा शतक पूरा कर लिया। सर्वाधिक 17 ग्रैंड स्लैम खिताबों के विजेता फेडरर पहली बार फरवरी 2004 में नंबर एक बने थे। वह अगस्त 2008 तक रिकॉर्ड लगातार 237 सप्ताह तक नंबर वन बने रहे।
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इसके बाद उनके कैरियर में कुछ उतार चढ़ाव आते रहे। पहले स्पेन के राफेल नदाल और फिर सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने उनकी बादशाहत पर ग्रहण लगाए। लेकिन इस साल विंबलडन में कमाल की वापसी करते हुए न केवल सातवीं बार विंबलडन खिताब जीतकर अमेरिका के पीट सम्प्रास की बराबरी की बल्कि वह फिर से नंबर एक की कुर्सी पर लौट आए। एक सप्ताह बाद ही उन्होंने सम्प्रास के 286 सप्ताह तक नंबर वन बने रहने के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
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अपनी इस उपलब्धि से खुश फेडरर ने कहा, ‘मेरे लिए यह अद्भुत संख्या है। मैं जब छोटा था तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस नंबर तक पहुंच सकूंगा। मेरा तो यही सपना था कि मैं टूर में खेलूं, विंबलडन खेलूं और कभी जाकर नंबर वन बन जाऊं। लेकिन अब तो मैं 300 सप्ताह तक नंबर वन रह चुका हूं। निश्चित ही यह सब कुछ अद्भुत है लेकिन मेरी बड़ी उपलब्धियों में से एक है। मुझे इस संख्या को देखकर बेहद संतोष होता है क्योंकि यह मेरी मेहनत का परिणाम है।’