ऑस्ट्रेलिया ओपन: नोवाक जोकोविच बने चैंपियन, फाइनल में नडाल को दी करारी मात
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दुनिया के नंबर एक सर्बियाई खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने बेहतरीन टेनिस का नजारा पेश करते हुए रविवार को फाइनल में राफेल नडाल को 6-3, 6-2, 6-3 से मात दी और रिकॉर्ड सातवां ऑस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीत लिया।
जोकोविच ने पूरे मैच के दौरान स्पेन के दूसरे वरीय खिलाड़ी पर दबदबा बनाये रखा और महज दो घंटे चार मिनट तक चले मुकाबले को जीतकर रॉड लावेर एरेना में अपना 15वां ग्रैंडस्लैम खिताब हासिल कर लिया। इससे 31 साल के जोकोविच ऑस्ट्रेलियाई ओपन पुरूष एकल खिताब के मामले में रोजर फेडरर और रॉय एमर्सन से आगे निकल गए जिन्होंने यहां छह-छह ट्रॉफियां जीती हैं।
जोकोविच अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी को पस्त करने के बाद कोर्ट पर झुके और कोर्ट को चूम लिया। यह जोकोविच और नडाल की 53वीं भिड़ंत थीं और ओपन युग में इतनी बार कोई दो खिलाड़ी आमने सामने नहीं हुए हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में दोनों के बीच भिड़ंत 2012 में हुई थी जो ग्रैंडस्लैम के इतिहास का सबसे लंबा मैच रहा था जो रिकॉर्ड पांच घंटे 53 मिनट तक चला था।
लेकिन इस ऐतिहासिक मुकाबले का दोहराव नहीं हो सका क्योंकि नडाल शुरू में थोड़े नर्वस थे और जोकोविच ने इसका पूरा फायदा उठाया। स्पेन के इस खिलाड़ी की पहले दौर के तीसरे सेट के बाद से सर्विस नहीं टूटी थी लेकिन सर्बियाई खिलाड़ी के सामने यह लय टूट गयी।
जोकोविच का अपने शॉट पर नियंत्रण लाजवाब था और उन्होंने पहले चार सर्विस गेम एक भी अंक गंवाये बिना जीत लिये और पहला सेट महज 36 मिनट में अपने नाम कर लिया। दूसरा सेट भी इसी तर्ज में चला जिसमें जोकोविच अपनी ही सर्विस पर पर आगे बढ़ते रहे जबकि नडाल इन्हें बरकरार रखने में जूझते रहे।
पांचवें गेम को देखते हुए दबदबे का पता चल जाता है जिसमें जोकोविच ने फिर नडाल की सर्विस तोड़ी जब नेट पर लगाातार खेलने के बाद उनका वॉली शॉट दूर चला गया। जोकोविच ने इस समय तक पूरे मैच में सर्विस पर केवल दो अंक गंवाये थे लेकिन नडाल को तब उनकी सर्विस तोड़ने का मौका मिला जब वह 30-15 से आगे हुए और दो बार ड्यूस हो गया।
जोकोविच को मैच में पहली बार दबाव का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने तेज धमाके से वापसी करे हुए 4-2 से बढ़त बना ली। फॉर्म में चल रहा सर्बियाई खिलाड़ी इतना जोश से भर गया कि उन्होंने फिर से नडाल की सर्विस तोड़कर स्कोर 5-2 कर दिया जिसके बाद अपनी सर्विस पर लगातार तीन ऐस लगाकर दो सेट की बढ़त बना ली। तब तक घड़ी के हिसाब से एक घंटा 16 मिनट हो चुके थे।
स्कोरलाइन से ही आंकड़ें का भी अंदाजा हो जाता है, जोकोविच ने आठ ऐस लगाये जबकि नडाल केवल एक ही लगा सके। सर्बियाई खिलाड़ी ने महज चार अनफोर्स्ड गलतियां की जबकि स्पेनिश खिलाड़ी के नाम 20 अनफोर्स्ड गलतियां रहीं।
तीसरे सेट में फिर जोकोविच ने तीसरे गेम में उनकी सर्विस तोड़ी और तब तक महज औपचारिकता थी कि वह कितनी जल्दी नडाल को पराजित कर देंगे। जोकोविच 3-2 से आगे थे और फिर उन्होंने तेजी से विनर लगाकर सेट जल्दी समाप्त कर दिया।
इस जीत से नडाल के खिलाफ उनका जीत का रिकॉर्ड 28-25 और दोनों के बीच ग्रैंडस्लैम फाइनल का रिकॉर्ड 4-4 से बराबर हो गया। जोकोविच ने इस तरह ग्रैंडस्लैम ट्रॉफियां की हैट्रिक भी पूरी की, इससे पहले उन्होंने पिछले साल विम्बलडन और अमेरिकी ओपन खिताब भी हासिल किये थे। अब वह मई में पेरिस में फ्रेंच ओपन में ओपन युग में सभी चार मेजर खिताब दो बार जीतने वाला खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगे।