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टेनिस की सुपरमॉम मैगी अमृतराज का निधन, बीमार बेटे को तैयार कर ऐसा बनाया था चैंपियन
Sun, 21 Apr 2019 11:03 AM IST
Sumit kumar
स्पोर्ट्स न्यूज, अमर उजाला
स्पोर्ट्स न्यूज, अमर उजाला
Published by: Sumit kumar
Updated Sun, 21 Apr 2019 11:03 AM IST
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maggie amritraj
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पूर्व डेविस कप खिलाड़ियों विजय अमृतराज और आनंद अमृतराज की मां मैगी अमृतराज का शनिवार को यहां लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। चेन्नई के नुंगमबक्कम में सेंट टेरेसा चर्च में 23 अप्रैल को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वह 92 साल की थी। उनके परिवार में तीन पुत्र (आनंद, विजय और अशोक) हैं। विजय अमृतराज अभी तमिलनाडु टेनिस संघ के अध्यक्ष हैं।
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आनंद अमृतराज ने बताया कि उनकी मां को 21 मार्च को दौरा पड़ा था और वह तीन सप्ताह तक अस्पताल में रही। उन्हें पिछले रविवार को अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। बता दें कि टेनिस और व्यवसाय के क्षेत्र में उनके नाम कई उपलब्धियां हैं। मैगी अमृतराज ने 1985 में ब्रिटानिया अमृतराज टेनिस एकेडमी (बैट) की स्थापना की थी।
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मर्गी फॉर्म चलाने के साथ खोली टेनिस अकेडमी
मैगी अमृतराज एक सफल कारोबारी भी थीं। 1975 में वे मुर्गी फॉर्म चलाती थीं। मैगी को बचपन से टेनिस का शौक था। स्कूल-कॉलेज के दिनों में वह टेनिस खेलती थीं। मैगी ने यूनिवर्सिटी लेवल के टेनिस टूर्नामेंट में अपने कॉलेज का प्रतिनिधित्व भी किया था। टेनिस से जुड़ाव के कारण उन्होंने तीनों बेटों को भी टेनिस का खिलाड़ी बनाया। उनके बड़े बेटे विजय अमृतराज 10 साल के थे, जब वे गंभीर बीमारी से ग्रसित थे।
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बेटे को इस गंभीर बीमारी से बचाने के लिए मां ने ही उन्हें टेनिस खेलने के लिए प्रेरित किया था। वे सुबह 5 बजे आनंद और अशोक को प्रैक्टिस कराने के लिए मैदान लेकर जाती थीं। सुबह 10 से दोपहर 3 तक वह अपना कारोबार देखती थीं। फिर विजय को एकेडमी ले जातीं। रात 10 बजे वहां से लौटकर आतीं। उन्होंने इंटरव्यू में कहा था कि मैं अपने परिवार की ऑफिशियल ड्राइवर हूं, जो कभी छुट्टी नहीं लेती।
मां की कड़ी लगन और मेहनत का ही नतीजा था कि महज 12 साल की उम्र में विजय नेशनल चैंपियन बन गए थे। मैगी ने करीब 20 साल तक एकेडमी का संचालन भी किया। उनके परिवार को भारत में 'टेनिस की फर्स्ट फैमिली' कहा जाता है। उनकी एकेडमी ने देश को टेनिस चैंपियन लिएंडर पेस व सोमदेव देववर्मन जैसे खिलाड़ी दिए हैं।