शमी के पिता बोले, गोकशी का आरोप बदनाम करने की साजिश
चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया दौरा बीच में ही छोड़कर आने को मजबूर हुए टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी दो दिन पहले अचानक उस समय चर्चा में आ गए जब उनके भाई को गोकशी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
शमी के पिता तौसीफ अहमद का मानना है कि उनके परिवार के लिए यह समय बेहद खतरनाक है। गोकशी का आरोप लगाकर उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।
उनका यह बयान उस समय आया जब मोहम्मद शमी के भाई मोहम्मद हसीब पर गोकशी के आरोप में कुछ गिरफ्तार लोगों को जबर्दस्ती छुड़ाने और फिर पुलिस अधिकारी के काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तारी और बाद में मिली जमानत के बाद आया है।
तौसीफ ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "मेरा बेटा उस समय वहां नहीं था जहां पर पूरी घटना हुई, वह वहां काफी देरी से पहुंचा था। वह (हसीब) वहां खड़े अन्य लोगों की तरह सिर्फ दर्शक था। उसे जबर्दस्ती पूरे मामले में घसिटा गया।" उन्होंने कहा, "कुछ लोग हैं जो शमी के टीम इंडिया के लिए खेलने से उनकी परिवार की बढ़ती लोकप्रियता से जलते हैं। मैंने इसके लिए एक महीने पहले ही डीएम से मुलााकात भी की थी। अब गोकशी का आरोपी उसी जलन का नतीजा है।" अमरोहा के डीएम वेद प्रकाश ने माना कि एक महीने पहले शमी के पिता से उनकी मुलाकात हुई थी।
क्या है पूरा मामला?
दो दिन पहले ऐसी खबर आई थी कि क्रिकेटर मोहम्मद शमी के भाई हसीब अहमद ने बुधवार शाम बुढ़नपुर पुल के पास पुलिस से हाथापाई कर गोकशी के एक आरोपी को छुड़ाकर भगा दिया। इसके बाद सूचना मिलने पर डिडौली कोतवाली से पहुंची फोर्स ने हसीब को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने तब इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पार्टी पर हमला करने और आरोपी को छुड़ाने के मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जबकि इस मामले में इस्तेमाल कार को सीज कर दिया गया था।
अमरोहा के डिडौली कोतवाली पुलिस ने शाम को गांव बुढ़नपुर के पुल के पास से गोकशी के आरोपी रिजवान पुत्र तहजीब निवासी गांव सहसपुर, अलीनगर को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इस दौरान मोहम्मद शमी का भाई हसीब पुत्र तौसीफ अहमद अपने साथियों को लेकर डस्टर कार से मौके पर पहुंच गया। यहां रिजवान को छुड़ाने के लिए पुलिस से उलझ गया, पुलिस से हाथापाई भी की। पुलिस हसीब अहमद की कार को सीज कर दिया।