फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted

Olympics: लिंग जांच में अयोग्य मुक्केबाज के पंच से एथलीट घायल, हो रहा बवाल, भज्जी-कंगना की भी आई प्रतिक्रिया

Fri, 02 Aug 2024 12:52 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: स्वप्निल शशांक Updated Fri, 02 Aug 2024 12:52 PM IST
सार

अल्जीरिया की मुक्केबाज इमान खेलीफ गुरुवार को इटली की प्रतिद्वंद्वी एंजेला कारिनी के मुकाबले के महज 46 सेकेंड बाद हटने से पेरिस ओलंपिक का पहले दौर का मुकाबला जीत गईं। दिक्कत यह है कि खेलीफ कोई आम एथलीट नहीं हैं, उनके नाम कई विवाद शामिल रहे हैं और इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग फेडरेशन और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने उन्हें ओलंपिक में खेलने के लिए योग्य करार दे दिया और वह उतरीं।

विज्ञापन
Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
पेरिस ओलंपिक 2024 - फोटो : Twitter

विस्तार

पेरिस ओलंपिक 2024 कई वजहों से चर्चा में रहा है। ओपनिंग सेरेमनी में 'द लास्ट सपर' पर विवाद से लेकर दक्षिण कोरियाई शूटर किम येजी के महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत जीतने पर एटीट्यूड से लेकर तुर्किये के एथलीट द्वारा शूटिंग गियर न पहनने तक, इन खेलों ने काफी हद तक सुर्खियां बटोरी हैं। हालांकि, अब एक ऐसा मुद्दा सामने आया है, जिसने काफी हद तक इन खेलों और इसको आयोजकों के प्रति सवाल खड़े किए हैं। यह घटना गुरुवार को महिलाओं की मुक्केबाजी स्पर्धा के दौरान घटी। दरअसल, अल्जीरिया की मुक्केबाज इमान खेलीफ गुरुवार को इटली की प्रतिद्वंद्वी एंजेला कारिनी के मुकाबले के महज 46 सेकेंड बाद हटने से पेरिस ओलंपिक का पहले दौर का मुकाबला जीत गईं।
विज्ञापन


दिक्कत यह है कि खेलीफ कोई आम एथलीट नहीं हैं, उनके नाम कई विवाद शामिल रहे हैं और इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग फेडरेशन और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने उन्हें ओलंपिक में खेलने के लिए योग्य करार दे दिया और वह उतरीं। खेलीफ को 2023 विश्व चैम्पियनशिप में लिंग जांच में विफल होने के बाद डिस्क्वालीफाई कर दिया गया था जिसके बाद से पेरिस में उनकी मौजूदगी चर्चा बनी हुई है। यह मुद्दा अब देश विदेश के कई दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। हरभजन सिंह, कंगना रनौत से लेकर एलोन मस्क और जेके रॉलिंग तक ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है और क्यों इस पर बवाल हो रहा है....
विज्ञापन



मुक्केबाज इमान खेलीफ के इस 'मेडिकल कंडीशन' को लेकर विवाद, जानिए क्या है डीएसडी की समस्या
विज्ञापन
विज्ञापन

मैच के दौरान क्या हुआ?

Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
कारिनी को खेलीफ ने जोरदार मुक्का मारा - फोटो : Twitter
एक अगस्त यानी गुरुवार को अल्जीरिया की इमान खेलीफ का मुकाबला महिलाओं की 66 किलोग्राम भारवर्ग मुक्केबाजी में इटली की एंजेला कारिनी से था। यह मुकाबला राउंड ऑफ 16 का था और एक नॉकआउट राउंड था। हारने वाली मुक्केबाज का सफर वहीं खत्म हो जाता। दोनों का यह इन खेलों में पहला मैच था। यह मैच भारतीय समयानुसार एक अगस्त को दोपहर तीन बजकर 50 मिनट पर खेला गया था। पहले राउंड की शुरुआत हुई और कारिनी और खेलीफ के बीच थोड़े ही मुक्के चले थे कि कारिनी ने मुकाबला बीच में छोड़ने का फैसला किया जो ओलंपिक मुक्केबाजी में बेहद असामान्य घटना है। हर एथलीट ओलंपिक पदक के सपने देखता है और ऐसे में नाम खींच लेना हैरान करने वाला था। इसके बाद कारिनी जमीन पर घुटने के बल बैठकर रोने लगीं। खेलीफ के पंच से कारिनी का हेडगीयर दो बार हट गया था जिसके बाद उन्होंने महज 46 सेकंड में मैच से हटने का फैसला किया।

फिर कारिनी ने खेलीफ से हाथ मिलाने से भी इनकार कर दिया और जाने से पहले वह रिंग में ही रो पड़ीं। मैच रोके जाने के बाद रेफरी ने खेलीफ का हाथ हवा में उठा दिया, लेकिन भावुक हो चुकीं कारिनी ने अपना हाथ रेफरी से दूर कर दिया और चली गईं। अल्जीरियाई एथलीट को नजरअंदाज करते हुए कारिनी फिर अपने घुटनों पर गिर गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले कभी किसी प्रतियोगिता में इतना मजबूत पंच महसूस नहीं किया था। मैच के बाद बोलते हुए ओलंपिक पदक न जीत पाने से दुखी कारिनी ने कहा, 'मुझे लड़ने की आदत है, लेकिन मैंने कभी इस तरह का पंच नहीं लिया। उस मैच को जारी रखना असंभव था। मैं यह कहने वाली कोई नहीं होती हूं कि खेलीफ अवैध हैं। मैं लड़ने के लिए रिंग में उतरी थी, लेकिन पहले मिनट के बाद मुझे ऐसा महसूस नहीं हुआ। मुझे अपनी नाक में तेज दर्द महसूस होने लगा। मैंने हार नहीं मानी, लेकिन खेलीफ के एक मुक्के पर तेज चोट लगी और इसलिए मैंने कहा- अब बस। मैं अपना सिर ऊंचा करके ओलंपिक से जा रही हूं।

कारिनी ने मैच को लेकर क्या बयान दिया

Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
पेरिस - फोटो : Twitter
कारिनी ने कहा कि वह खेलीफ को शामिल किए जाने के विरोध में मैच नहीं छोड़ रहीं, लेकिन ओलंपिक समिति को इस पर विचार करना चाहिए था। कारिनी को उनके चेहरे की चोटों की गंभीरता की जांच करने के लिए उपचार के लिए ले जाया गया। उनकी नाक पर गंभीर चोट लगी थी। कारिनी ने कहा, 'मैंने रिंग में प्रवेश किया और मैंने खुद से कहा कि मुझे अपने सामने मौजूद खिलाड़ी के खिलाफ खुल कर खेलना होगा और अपनी प्रतिभा को बाहर निकाल उसे हराना होगा। ईमानदारी से कहूं तो मुझे परवाह नहीं है। मैंने खुद से कहा था- यह मेरा ओलंपिक है। सभी विवाद एक तरफ, मैं सिर्फ आगे बढ़ना और जीतना चाहती थी। मैं उनमें से नहीं हूं जो आसानी से आत्मसमर्पण कर दे। अगर वे मुझसे कहते कि चलो लड़ाई नहीं करते हैं, तो भी मैं इसे स्वीकार नहीं करती। मैं एक योद्धा हूं। मेरे पिता ने मुझे योद्धा बनना सिखाया। जब मैं रिंग में होती हूं, तो मैं उस मानसिकता, एक योद्धा की मानसिकता, एक जीतने वाली मानसिकता का उपयोग करती हूं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका।

कारिनी ने कहा, 'आप सभी ने मेरी नाक देखी जिससे खून बहने लगा। मैं आज रात नहीं हारी, मैंने बस परिपक्वता के साथ आत्मसमर्पण किया। मैं चाहती हूं कि खेलीफ अंत तक खेले और वह खुश रहे। मैं किसी को जज नहीं करती। मैं यहां निर्णय देने के लिए नहीं हूं। मैं बस लड़ने और अपने सपनों के लिए रिंग में उतरी था। ऐसा नहीं हुआ। जाहिर है, ऊपर वाला यही चाहता था और मैं इसे स्वीकार करती हूं। मैं यह कहने की स्थिति में नहीं हूं कि यह सही है या गलत। मैंने एक मुक्केबाज के रूप में अपना काम किया, रिंग में प्रवेश किया और लड़ाई की। मैंने खिलाड़ियों का प्रबंधन नहीं किया, लेकिन मैं अपने सिर को ऊंचा करके और टूटे हुए दिल के साथ बाहर निकल रही हूं। मैं एक परिपक्व महिला हूं, ये बॉक्सिंग रिंग मेरी जिंदगी है। मैं हमेशा बहुत सहज रही हूं, लेकिन जब मुझे लगता है कि कुछ ठीक नहीं चल रहा है, तो यह आत्मसमर्पण नहीं है, बल्कि परिपक्वता दिखाते हुए उसे रोकने को लेकर है।

कारिनी के कोच ने खेलीफ को लेकर दिया बयान

Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
पेरिस - फोटो : The Daily Mail
लड़ाई के बाद कारिनी के कोच ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि उसकी नाक टूट गई है या नहीं। मुझे उनसे बात करनी है। लेकिन इटली में कई लोगों ने उन्हें फोन किया था और बताने की कोशिश की 'कृपया मत लड़ो, खेलीफ एक पुरुष है, यह तुम्हारे लिए खतरनाक है।' वहीं, मुकाबले के बाद अल्जीरियाई मुक्केबाजी महासंघ ने खेलीफ की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए फेसबुक पर लिखा, 'अल्जीरियाई मुक्केबाज इमान खेलीफ को बधाई, जिन्होंने इटली की एंजेलिना कारिनी को 46 सेकेंड से भी कम समय में आसानी से हराने के बाद रिंग में जोरदार जवाब दिया और क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया।' रिंग से बाहर निकलते हुए अल्जीरियाई मुक्केबाज ने कहा, 'ऊपरवाले ने चाहा, यह पहली जीत थी। ऊपरवाला मुझे एक गोल्ड मेडल के लिए तैयार कर रहा है।'

कौन हैं कारिनी?
कारिनी एक इटैलियन पुलिस अधिकारी हैं। उनका मंत्र है, 'मुक्केबाजी एक ऐसा खेल है जो आपको अपने प्रतिद्वंद्वी के प्रति सम्मान रखना सिखाता है। यह जीवन में एक हथियार हो सकता है, लेकिन केवल रक्षा के लिए। यह दुरुपयोग नहीं बन सकता है और न ही होना चाहिए। किसी भी खेल की तरह, यह इसके बजाय क्रोध और दर्द को बाहर निकालने का एक वाहन बन सकता है।' जाहिर तौर पर मुक्केबाजी में इस तरह के विचार रखने वाली कारिनी के लिए खेलीफ का पंच असहनीय रहा होगा।

इटली और अल्जीरिया मामले पर आमने सामने

Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
पेरिस - फोटो : Twitter
इस मामले पर इटली और अल्जीरिया की ओर से बयान भी सामने आया है। पूर्व विश्व फेदरवेट चैंपियन बैरी मैकगुइगन, जो अब पेशेवर मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष हैं, ने कहा कि यह एक 'पुरुष' को महिलाओं से लड़ने की अनुमति देने का एक चौंकाने वाला और दयनीय फैसला था। अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) के अध्यक्ष उमर क्रेमलेव ने कहा है कि डीएनए परीक्षणों की एक सीरीज के बाद एसोसिएशन ने उन एथलीटों का पर्दाफाश किया जो अपने सहयोगियों को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे थे और महिला होने का नाटक कर रहे थे। क्रेमलेव ने दावा किया कि परीक्षणों ने साबित कर दिया कि उनके पास एक्सवाई क्रोमोसोम्स थे और इस प्रकार उन्हें खेल आयोजनों से बाहर रखा गया था। इटली के खेल मंत्री एंड्रिया अबोदी ने खेलीफ के प्रतिस्पर्धा के बारे में चिंता जताई, लेकिन एंजेला कारिनी द्वारा कही हुई बातों को कोट करते हुए कहा कि उनके विरोधियों का सम्मान उनका मंत्र था। अल्जीरिया की ओलंपिक समिति ने पेरिस ओलंपिक में खेलीफ की भागीदारी पर सवाल उठाए जाने के बाद अपने मुक्केबाज पर हुए हमलों को निराधार बताते हुए उनकी निंदा की।
पुतिन और क्रेमलेव

कौन हैं खेलीफ?

Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
पेरिस - फोटो : Twitter
दरअसल, खेलीफ एक एमेच्योर मुक्केबाज हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ की 2022 विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता। पिछले साल की विश्व चैम्पियनाशिप में उन्हें स्वर्ण पदक मैच से ठीक पहले डिस्क्वालीफाई घोषित कर दिया था क्योंकि जांच में दावा किया गया कि उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ा हुआ था। हालांकि, उनकी लिंग परीक्षण समस्याओं के बावजूद, उन्हें भारी हंगामे के बीच ओलंपिक में एंट्री दे दी गई। पेरिस 2024 में ओलंपिक अधिकारियों ने उन्हें अपनी आधिकारिक खेलों की जीवनी में एक महिला के रूप में स्वीकार किया है। 2020 टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाली खेलिफ पिछले साल नई दिल्ली में परीक्षणों में विफल रहने के बाद ही विवादों में आ गई थीं। कुछ फैंस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खेलीफ ट्रांसजेंडर नहीं हैं, बल्कि उन्हें यौन विकास का विकार (DSD) है। इससे वह एक्सवाई गुणसूत्रों को उत्पन्न करती हैं और रक्त में टेस्टोस्टेरोन का स्तर पुरुषों की तरह सामान्य होता है।

खेलीफ के साथ अयोग्य करार एक और मुक्केबाज ओलंपिक में खेल रहीं
करीब छह फिट लंबी खेलीफ ने तीन दौर की प्रतियोगिता की शुरुआत में ही कई शक्तिशाली घूंसे लगाकर अपना दम दिखाया, लेकिन यह मैच एक मिनट से भी कम समय में खत्म हो गया था। लिंग योग्यता खेलों में एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। खेलीफ से पहले भी कई ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं। खेलीफ के अलावा ताइवान की एक अन्य महिला मुक्केबाज लिन यू-तिंग को भी लिंग पात्रता परीक्षा में विफल होने के कारण 2023 महिला मुक्केबाजी विश्व चैंपियनशिप से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। उनसे पदक तक छीन लिया गया था। लिन भी पेरिस में 57 भारवर्ग में खेल रही हैं। दरअसल अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने दोनों को यह कहकर मान्यता दी है कि वह पासपोर्ट में महिला के रूप में दर्ज हैं, इसलिए वह महिला मुक्केबाजी में खेलने के योग्य हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने कहा, 'महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाली हर एथलीट प्रतियोगिता पात्रता नियमों का पालन कर रही हैं। वे अपने पासपोर्ट में महिलाएं हैं।' खेलीफ और लिन को महिला के रूप में मंजूरी देने के अपने फैसले का बचाव करते हुए आईओसी के एडम्स ने कहा, 'इन एथलीटों ने कई वर्षों से पहले कई बार प्रतिस्पर्धा की है। वे अभी अचानक नहीं आईं हैं।

लिंग योग्यता की लड़ाई खेलों में काफी समय से चल रही

Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
पेरिस - फोटो : Twitter
यह टकराव ओलंपिक में महिला डिवीजनों में प्रतिस्पर्धा करने वाले बायोलॉजिकल रूप से पुरुष मुक्केबाजों पर एक लिंग योग्यता की लड़ाई के बीच आया है। पेरिस में ओलंपिक की देखरेख करने वाले आईओसी अधिकारियों ने कहा कि खेलीफ ने इस प्रतिस्पर्धा के लिए पात्रता मानदंडों को पूरा किया। पिछले साल के प्रतिबंध के बाद अल्जीरियाई ओलंपिक समिति ने पलटवार करते हुए दावा किया था कि अयोग्यता उन्हें स्वर्ण जीतने से रोकने के लिए एक 'साजिश' का हिस्सा थी और कहा कि उच्च टेस्टोस्टेरोन के स्तर के पीछे 'मेडिकल' कारण थे। 2023 विश्व चैंपियनशिप से डिसक्वालिफिकेशन के बाद मेक्सिको की ब्रायंडा तमारा टूर्नामेंट में पहले खेलीफ से लड़ने के अपने अनुभव के साथ आगे आईं। ब्रायंडा ने कहा- जब मैंने उसके साथ लड़ाई की तो मुझे काफी दर्द महसूस हुआ। उसके वार ने मुझे बहुत चोट पहुंचाई, मुझे नहीं लगता कि मैंने एक मुक्केबाज के रूप में अपने 13 वर्षों में कभी ऐसा महसूस किया था, न ही पुरुषों के साथ मेरी लड़ाई में। ऊपरवाले का शुक्र है कि उस दिन मैं रिंग से सुरक्षित बाहर निकल गई और यह अच्छा है कि IBA (अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग संघ) को आखिरकार एहसास हुआ।

लिन यू-तिंग

विशेषज्ञों ने कहा- स्पष्ट नीति का अभाव

Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
पेरिस - फोटो : Twitter
खेल वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस क्षेत्र में ओलंपिक द्वारा स्पष्ट नीति के अभाव ने इस विचित्र स्थिति को उभरने में मदद की है। 2021 से पहले, IOC ने टेस्टोस्टेरोन की अधिकतम मात्रा के लिए थ्रेसहोल्ड निर्धारित किया था। महिलाओं के इवेंट में किसी भी एथलीट में 'पुरुष' सेक्स हार्मोन पाए जाने पर उसे डिस्क्वालिफाई किया जाता था। इन्हें डोपिंग के लिए रक्त परीक्षण में उठाया गया था। टेस्टोस्टेरोन सीमा पर नियमों को लेकर कॉस्टर सेमेन्या का मामला बहुत ही प्रसिद्ध है। सेमेन्या का शरीर स्वाभाविक रूप से महिलाओं के लिए सामान्य से टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तर का उत्पादन कर रहा था। वह 2020 में टोक्यो में प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ करार दी गई थीं, क्योंकि विश्व एथलेटिक्स ने उस समय IOC से स्वतंत्र रूप से नए नियम लाए थे।

आईओसी ने अपनी नीतियों में किया था बदलाव

Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
पेरिस - फोटो : Twitter
आईओसी की अपनी टेस्टोस्टेरोन निगरानी नीतियों को तीन साल पहले रोक दिया गया था और इसकी जगह 'लिंग पहचान और लिंग भिन्नता के आधार पर निष्पक्षता, समावेश और गैर-भेदभाव' की नीति को लागू किया गया था। आईओसी अब हर देश में व्यक्तिगत खेल निकायों को 'दस मार्गदर्शक सिद्धांत' प्रदान करता है जिसका उपयोग वे अपनी नीतियां बनाने के लिए कर सकते हैं। इस विवादास्पद दस्तावेज में कहा गया है कि 'लिंग विविधताओं' वाले एथलीटों, डीएसडी के लिए एक और मौका और उन्हें किसी प्रकार का एडवांटेज न मिला हो, इस तरह के एथलीट्स को अपनी लिंग पहचान की श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

हालांकि, कुछ खेल वैज्ञानिकों का कहना है इन नियमों पर एक अच्छी खासी बहस हो सकती है। रग्बी, ट्रैक एंड फील्ड, तैराकी और साइकिलिंग को नियंत्रित करने वाले सभी संघों ने महिलाओं के खेल में जैविक पुरुषों को संबोधित करने के लिए किसी न किसी रूप में नियम पेश किए हैं। हालांकि नीतियों का सटीक विवरण अलग-अलग है। मुक्केबाजी में भी ऐसा किय गया और अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (IAB) ने एथलीटों को 'लिंग मूल्यांकन' से गुजरना आवश्यक कर दिया। हालांकि, यह इन आकलनों की सटीक प्रकृति का विवरण नहीं देता है। यह वह परीक्षण है जो पिछले साल नई दिल्ली में आईएबी की महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में खेलीफ और लिन को अयोग्य करार दिया था। हालांकि, ओलंपिक ने इन नीतियों की जगह अपनी नीति को तवज्जो दी।

आईबीए ने अयोग्य करार दिया, लेकिन कैसे IOC ने मान्यता दी?

Paris Olympics: Angela Carini injured by Imane Khelif, gender equality ruckus, Harbhajan-Kangana also reacted
पेरिस - फोटो : Twitter
उस समय आईबीए के अध्यक्ष,उमर क्रेमलेव ने दावा किया कि परीक्षणों ने साबित कर दिया था कि खेलीफ और लिन दोनों में पुरुषों के लक्षण थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने 'उन एथलीटों का पर्दाफाश किया जो अपने सहयोगियों को बेवकूफ बनाने और महिला होने का नाटक करने की कोशिश कर रहे थे'। इन्हीं नियमों और परीक्षण परिणामों के तहत खेलीफ और लिन इस ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे, लेकिन IAB को बाद के शासन के साथ समस्याओं के कारण IOC द्वारा पेरिस खेलों के लिए खेल को संचालित करने में अपनी भूमिका से हटा दिया गया था। IOC ने प्रतियोगियों के लिए पात्रता निर्धारित करने के लिए एक नए निकाय, पेरिस बॉक्सिंग यूनिट (PBU) के माध्यम से बनाया।

पीबीयू के दस्तावेजों में पुरुष या महिला स्पर्धाओं के लिए लिंग या लिंग परीक्षण का कोई उल्लेख नहीं है। हालांकि वे प्रतियोगियों की उम्र के लिए सीमा निर्धारित करते हैं। पासपोर्ट एथलीटों के लिए स्वीकार्य आईडी है और महिला वर्ग में मुक्केबाजों को यह घोषित करने की आवश्यकता होती है कि क्या वे गर्भवती हैं। लेकिन खेल वैज्ञानिक प्रोफेसर टकर ने कहा कि इस क्षेत्र में आईओसी द्वारा स्पष्ट नीति के अभाव ने इस स्थिति को होने दिया था। उन्होंने कहा, 'पिछले साल (खेलीफ और लिन) पात्रता आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते थे और अब वे एकमात्र कारण यह है कि जिस निकाय ने उन्हें अयोग्य करार दिया था, उसे एक तरफ कर दिया गया है। यह नीति में स्पष्टता नहीं होने और उसमें तरह तरह के बदलाव के कारण हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक्स पर जेके रॉलिंग ने लिखा, 'क्या कोई तस्वीर हमारे नए पुरुष अधिकार आंदोलन को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकती है? एक पुरुष की मुस्कुराहट, जो जानता है कि उसे स्त्री-द्वेषी खेल प्रतिष्ठान द्वारा संरक्षित किया गया है। वह उस महिला के संकट का आनंद ले रहा है जिसे उसने अभी-अभी मुक्का मारा है और जिसके जीवन की महत्वाकांक्षा उसने अभी-अभी चकनाचूर कर दी है।' मस्क ने रिले गेन्स की एक पोस्ट का समर्थन किया। अमेरिकी तैराक ने लिखा था कि 'पुरुष महिलाओं के खेल में शामिल नहीं हैं'। ट्विटर/एक्स बॉस ने खेलीफ-कारिनी के मैच की तस्वीर के साथ जवाब दिया- बिल्कुल।' हरभजन सिंह ने लिखा- मेरे विचार से यह अनुचित है। ओलंपिक को इस घटना/मैच की समीक्षा करने की जरूरत है।

कंगना ने लिखा- कारिनी को एक प्राकृतिक रूप से पुरुष के तौर पर जन्मे एथलीट खेलीफ से लड़ना पड़ा। खेलीफ का शरीर और दिखावट पुरुषों की तरह है। खेलीफ ने कारिनी को रिंग में इस तरह मारा जैसे कोई पुरुष महिला को आमतौर पर शारीरिक शोषण के मामले में मारता है। हालांकि, वह कहते हैं कि वह एक महिला हैं। आप अंदाजा लगाइए कि यह मैच किसने जीता होगा? जागो संस्कृति सबसे अनुचित और अन्यायपूर्ण व्यवहार है। आप अपनी बेटियों से इस बारे में बात करें कारिनी के बारे में जिनका पदक उनसे छीन लिया गया। महिला खेलों को बचाएं। 





विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed