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Neeraj Chopra Silver: टोक्यो ओलंपिक के सोने से भी ज्यादा कीमती है नीरज का यह रजत पदक, जानें क्यों?
Sun, 24 Jul 2022 01:49 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, यूजीन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, यूजीन
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 24 Jul 2022 01:49 PM IST
सार
विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज ने भले ही रजत पदक जीता है, लेकिन उनके इस पदक को टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक से भी ज्यादा कीमती माना जा रहा है।
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नीरज चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा से विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सोने की उम्मीद लगाई गई थी। हालांकि, नीरज स्वर्ण पदक तो नहीं जीत पाए, लेकिन रजत पदक जरूर हासिल किया। अब नीरज के इस रजत पदक को उनके टोक्यो ओलंपिक वाले स्वर्ण पदक से भी ज्यादा कीमती माना जा रहा है। अगर नीरज ऐसा ही प्रदर्शन जारी रखते हैं तो आने वाले समय में वो देश को कई स्वर्ण पदक दिलाएंगे। उनके स्वर्णिम प्रदर्शन की गारंटी उनका यह रजत पदक देता है, जो उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता है।
नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में 84.24 मीटर दूर भाला फेंका था। उनके प्रतिद्वंदी खिलाड़ी इतनी दूरी नहीं तय कर पाए थे। इसके बाद नीरज ने स्वर्ण पदक जीता था और इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया था। वहीं, विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्हें भले ही रजत पदक के साथ संतोष करना पड़ा हो, लेकिन उन्होंने 88.13 मीटर दूर भाला फेंका। यह टोक्यो की तुलना में 3.89 मीटर ज्यादा है। हालांकि, इस बार नीरज को कड़ी चुनौती मिली और उनके विपक्षी खिलाड़ी ने दो 90 मीटर से ज्यादा की दूरी हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
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नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में 84.24 मीटर दूर भाला फेंका था। उनके प्रतिद्वंदी खिलाड़ी इतनी दूरी नहीं तय कर पाए थे। इसके बाद नीरज ने स्वर्ण पदक जीता था और इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया था। वहीं, विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्हें भले ही रजत पदक के साथ संतोष करना पड़ा हो, लेकिन उन्होंने 88.13 मीटर दूर भाला फेंका। यह टोक्यो की तुलना में 3.89 मीटर ज्यादा है। हालांकि, इस बार नीरज को कड़ी चुनौती मिली और उनके विपक्षी खिलाड़ी ने दो 90 मीटर से ज्यादा की दूरी हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
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सोने से ज्यादा कीमती है यह चांदी
नीरज ने पिछले साल अगस्त के महीने में टोक्यो में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से उन्होंने अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 89.94 मीटर इसी साल स्टॉकहोम में डायमंड लीग के दौरान आया था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने अपने करियर का तीसरा सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वो जिस तरह से अपने प्रदर्शन में सुधार कर रहे हैं, वह भारत के लिए सुखद हैं। आने वाले दिनों में नीरज आसानी से 90 मीटर से ज्यादा दूर भाला फेंक सकते हैं और बड़ी प्रतियोगिताओं में ऐसा प्रदर्शन करने पर उनका सोना जीतना तय है।
यही वजह है कि नीरज के इस रजत पदक को उनके ओलंपिक के स्वर्ण से ज्यादा कीमती माना जा रहा है, क्योंकि इस रजत पदक में भविष्य में मिलने वाले कई स्वर्ण पदकों की झलक दिख रही है। खासकर पहला थ्रो फाउल करने के बाद नीरज ने जिस तरह वापसी की, वह शानदार था। हालांकि, अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश में वो खुद को चोटिल कर बैठे। जांघ में खिंचाव के चलते उनके आखिरी दो थ्रो फाउल रहे। आने वाले समय में नीरज को इससे बचना होगा।
दबाव भरे हालातों में निखरे नीरज
नीरज का पहला थ्रो फाइल होने के बाद उनके प्रतिद्वंदी एंडरसन ने 90 मीटर का आंकड़ा पार कर लिया था। ऐसे में नीरज के ऊपर भी 90 का आंकड़ा पार करने का दवाब था। नीरज ने अब तक 90 मीटर दूर भाला नहीं फेंका है। इसके बावजूद नीरज दबाव में नहीं आए। चोपड़ा ने दूसरे राउंड में 82.39 मीटर दूर भाला फेंका। तीसरे और चौथे राउंड में और बेहतर प्रदर्शन करते हुए 86.37 मीटर और 88.13 मीटर दूर भाला फेंका। इसके बाद वो चोटिल हुए और बाकी दोनों थ्रो फाउल किए।
नीरज ने पिछले साल अगस्त के महीने में टोक्यो में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से उन्होंने अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 89.94 मीटर इसी साल स्टॉकहोम में डायमंड लीग के दौरान आया था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने अपने करियर का तीसरा सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वो जिस तरह से अपने प्रदर्शन में सुधार कर रहे हैं, वह भारत के लिए सुखद हैं। आने वाले दिनों में नीरज आसानी से 90 मीटर से ज्यादा दूर भाला फेंक सकते हैं और बड़ी प्रतियोगिताओं में ऐसा प्रदर्शन करने पर उनका सोना जीतना तय है।
यही वजह है कि नीरज के इस रजत पदक को उनके ओलंपिक के स्वर्ण से ज्यादा कीमती माना जा रहा है, क्योंकि इस रजत पदक में भविष्य में मिलने वाले कई स्वर्ण पदकों की झलक दिख रही है। खासकर पहला थ्रो फाउल करने के बाद नीरज ने जिस तरह वापसी की, वह शानदार था। हालांकि, अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश में वो खुद को चोटिल कर बैठे। जांघ में खिंचाव के चलते उनके आखिरी दो थ्रो फाउल रहे। आने वाले समय में नीरज को इससे बचना होगा।
दबाव भरे हालातों में निखरे नीरज
नीरज का पहला थ्रो फाइल होने के बाद उनके प्रतिद्वंदी एंडरसन ने 90 मीटर का आंकड़ा पार कर लिया था। ऐसे में नीरज के ऊपर भी 90 का आंकड़ा पार करने का दवाब था। नीरज ने अब तक 90 मीटर दूर भाला नहीं फेंका है। इसके बावजूद नीरज दबाव में नहीं आए। चोपड़ा ने दूसरे राउंड में 82.39 मीटर दूर भाला फेंका। तीसरे और चौथे राउंड में और बेहतर प्रदर्शन करते हुए 86.37 मीटर और 88.13 मीटर दूर भाला फेंका। इसके बाद वो चोटिल हुए और बाकी दोनों थ्रो फाउल किए।