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CWG 2022: पैदल चाल में प्रियंका ने राष्ट्रमंडल खेलों में रचा इतिहास, जानें कैसे एक बैग के लिए इस खेल में आईं
Sat, 06 Aug 2022 05:21 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
Published by: रोहित राज
Updated Sat, 06 Aug 2022 05:21 PM IST
सार
इस रेस में प्रियंका शुरुआती चार मिनट तक सबसे आगे थीं, लेकिन बाद में ऑस्ट्रेलिया की जेमिमा ने बढ़त बना ली और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में पैदल चाल में पहली बार किसी महिला ने पदक जीता है।
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प्रियंका गोस्वामी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल में प्रियंका गोस्वामी ने रजत पदक जीत लिया है। उन्होंने 43.38 मिनट में अपनी रेस पूरी की। ऑस्ट्रेलिया की जेमिमा ने 42.34 मिनट का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, केन्या की एमिली 43.50.86 मिनट में रेस पूरी कर तीसरे स्थान पर रहीं। तेजस्विन के हाई जंप में कांस्य और मुरली श्रीशंकर के रजत के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में एथलेटिक्स में यह भारत का तीसरा पदक है।
इस रेस में प्रियंका शुरुआती चार मिनट तक सबसे आगे थीं, लेकिन बाद में ऑस्ट्रेलिया की जेमिमा ने बढ़त बना ली और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में पैदल चाल में पहली बार किसी महिला ने पदक जीता है।
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इस रेस में प्रियंका शुरुआती चार मिनट तक सबसे आगे थीं, लेकिन बाद में ऑस्ट्रेलिया की जेमिमा ने बढ़त बना ली और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में पैदल चाल में पहली बार किसी महिला ने पदक जीता है।
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प्रियंका गोस्वामी
- फोटो : सोशल मीडिया
माधवपुरम निवासी एथलीट प्रियंका गोस्वामी मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली हैं। रेलवे में कार्यरत प्रियंका अभी तक 20 किमी पैदल चाल में कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हैं।
3 जनवरी 2011 को पहली ही प्रतियोगिता में मिले उपहार ने उनकी खेल में रुचि पैदा की। दरअसल, खेल विभाग प्रतियोगिता में जीतने वाले खिलाड़ियों को बैग उपहार में देता था, जिसके बाद प्रियंका में भी इस बैग को पाने की ललक जाग उठी। उन्होंने पैदल चाल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और प्रतियोगिता जीती। इसके बाद प्रियंका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया।
3 जनवरी 2011 को पहली ही प्रतियोगिता में मिले उपहार ने उनकी खेल में रुचि पैदा की। दरअसल, खेल विभाग प्रतियोगिता में जीतने वाले खिलाड़ियों को बैग उपहार में देता था, जिसके बाद प्रियंका में भी इस बैग को पाने की ललक जाग उठी। उन्होंने पैदल चाल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और प्रतियोगिता जीती। इसके बाद प्रियंका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया।