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Hindi News ›   Sports ›   Bajrang, Vinesh hit mat for first time in 15 days; ad-hoc panel plans Asian Ch'ships trials from May 17

Wrestlers Protest: 15 दिन में पहली बार मैट पर उतरे विनेश-बजरंग, 17 मई से हो सकते हैं एशियन चैंपियनशिप ट्रायल

Mon, 08 May 2023 09:49 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Mon, 08 May 2023 09:49 PM IST
सार

पहलवानों ने प्रदर्शन के बीच अभ्यास शुरू कर दिया है। बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने सोमवार के दिन अभ्यास किया। ये पहलवान 15 दिन से धरने पर बैठे हैं और पहली बार अभ्यास करते दिखे। 
 

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Bajrang, Vinesh hit mat for first time in 15 days; ad-hoc panel plans Asian Ch'ships trials from May 17
Wrestlers Protest - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत की शीर्ष पहलवानों ने दिल्ली के जंतर मंतर में दूसरी बार प्रदर्शन शुरू करने के 15 दिन बाद तैयारी शुरू कर दी है। बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट जैसे पहलवानों ने सोमवार को अभ्यास किया। ये पहलवान एशियाई खेलों के ट्रायल के लिए तैयारी कर रहे हैं। वहीं, आईओए के एड-हॉक पैनल ने एशियाई चैंपियनशिप के ट्रायल 17 मई से कराने की तैयारी शुरू कर दी है।  
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रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर पहलवान धरना कर रहे हैं। बजरंग और विनेश ने जनवरी के बाद से किसी भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग नहीं लिया है और न ही विदेश में प्रशिक्षण के लिए गए हैं, हालांकि भारतीय खेल प्राधिकरण ने उनके अनुरोध पर उनके प्रदर्शन स्थल में अभ्यास को मंजूरी दे दी थी।
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पहलवान अब तक इस बात पर अड़े थे कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, वे प्रशिक्षण नहीं लेंगे या अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे। विनेश ने हालांकि रविवार को कहा था कि वे ट्रेनिंग शुरू करेंगी और अब टूर्नामेंट से दूर नहीं रहेंगी। पास के एक स्टेडियम में एक घंटे के सत्र में, बजरंग ने जितेंद्र किन्हा के साथ अभ्यास किया, जबकि विनेश ने अपनी चचेरी बहन संगीता और रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक के साथ प्रशिक्षण लिया।
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सत्यव्रत कादियान ने अपने भाई सोमबीर के साथ प्रशिक्षण लिया।  प्रशिक्षण सत्र का हिस्सा रहे एक पहलवान ने कहा "पिछली बार हमने मैट ट्रेनिंग इस विरोध के फिर से शुरू होने से एक दिन पहले की थी और आपने देखा है कि हम पिछले 15 दिनों में समर्थकों से मिलने में कितने व्यस्त थे। देर रात तक चर्चा हो रही थी, प्रशिक्षण संभव नहीं था। लेकिन अब, हम लगातार मैट ट्रेनिंग करेंगे। हमने तकनीक का पालन करते हुए आज हल्का प्रशिक्षण लिया। धीरे-धीरे, हम शक्ति और गहन प्रशिक्षण भी शुरू करेंगे। हम उम्मीद कर रहे हैं कि एक उचित समाधान आएगा और तब तक हम एशियाई खेलों के ट्रायल के लिए तैयार रहना चाहते हैं। इससे हम आगामी रैंकिंग सीरीज टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार रहेंगे।" 

एक से चार जून तक बिश्केक में होने वाले यूडब्लूडब्लू रैंकिंग सीरीज इवेंट के लिए टीम पहले ही तय कर ली गई है। यह वही टीम है जिसने अप्रैल में अस्ताना में एशियाई चैंपियनशिप में भाग लिया था और 14 पदक जीते थे। बजरंग, विनेश, साक्षी, सत्यव्रत और संगीता अस्ताना में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे क्योंकि वे विरोध कर रहे थे।

आईओए की समिति की पहली बैठक हुई
भारतीय कुश्ती संघ की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को चलाने के लिए आईओए ने एडहॉक पैनल गठित किया है। इस पैन ने कोचों और साई अधिकारियों के साथ चर्चा की। पैनल की सदस्य, राष्ट्रीय शूटिंग कोच सुमा शिरूर बैठक में शामिल नहीं हुईं और पैनल के एक अन्य सदस्य भूपेंद्र सिंह बाजवा ने कोचों के साथ रोडमैप पर चर्चा की।

बिश्केक में 10 से 18 जून तक होने वाली अंडर-17 और अंडर-23 पहलवानों की एशियाई चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए पैनल ने 17 से 19 मई तक इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल कराने का फैसला किया। सीनियर पहलवानों के लिए राष्ट्रीय शिविर फिर से शुरू करने पर चर्चा हुई लेकिन इस पर अंतिम फैसला साई करेगा।

आईओए से जुड़े एक सूत्र ने कहा "पुरुषों के राष्ट्रीय शिविर के संबंध में कोई समस्या नहीं थी और साई जल्द ही एक तारीख तय करेगा, लेकिन महिला पहलवान लखनऊ में शिविर में शामिल होने की इच्छुक नहीं हैं। वे चाहती हैं कि शिविर दिल्ली के आईजी स्टेडियम में आयोजित किया जाए। लेकिन आवास एक मुद्दा है। साई के अधिकारी इस पर चर्चा कर रहे हैं और जल्द ही शिविर के लिए तारीखों और स्थल को अंतिम रूप देंगे।"

किसान अच्छी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे
सुबह पंजाब से किसान और हरियाणा से खाप सदस्य पहलवानों को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल में प्रवेश करने के लिए बैरिकेड्स भी तोड़ दिए। यह पहलवानों के आंदोलन से ज्यादा किसानों के विरोध जैसा लग रहा था। शाम के समय मजदूरों को बेरिकेड्स की वेल्डिंग करते हुए देखा गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसान घेरा न तोड़ें, जैसा कि उन्होंने सोमवार सुबह किया।
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