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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Tulsi Chandan and Vaijayanti Mala Chanting Rules Importance mala jaap karne ke niyam

जानें तुलसी, चंदन और वैजयंती की माला जपने के नियम और महत्व

Thu, 15 May 2025 06:31 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 15 May 2025 06:31 PM IST
सार

भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए कौन-कौन सी माला से जाप करना चाहिए और उनके क्या लाभ होते हैं। आइए जानते हैं।

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Tulsi Chandan and Vaijayanti Mala Chanting Rules Importance mala jaap karne ke niyam
तुलसी की माला को "विष्णुप्रिया माला" भी कहा जाता है। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सनातन धर्म में भगवान विष्णु को पालनकर्ता और संपूर्ण सृष्टि के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। श्रीहरि की भक्ति करने से जीवन में सुख, समृद्धि, यश और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में उल्लेख है कि यदि विष्णु जी के मंत्रों का जाप उचित माला द्वारा किया जाए, तो यह अनंत गुणा फलदायक होता है। प्रत्येक माला की अपनी विशेषता और फल है। आइए जानते हैं, भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए कौन-कौन सी माला से जाप करना चाहिए और उनके क्या लाभ होते हैं।
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1. तुलसी की माला- विष्णु जी की सर्वाधिक प्रिय
तुलसी को भगवान विष्णु की पत्नी के रूप में स्वीकार किया गया है। पद्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण और स्कंद पुराण में वर्णन है कि तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। तुलसी की माला को "विष्णुप्रिया माला" भी कहा जाता है। इस माला से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”, विष्णु सहस्रनाम या नारायण कवच का जप करने से भक्त को विष्णु जी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।
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लाभ:
मन की शुद्धि और भक्ति में वृद्धि होती है।
पापों का क्षय होता है।
दरिद्रता से मुक्ति मिलती है और जीवन में सौभाग्य आता है।

2. चंदन की माला – सौम्यता और शांति की प्रतीक
चंदन भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। वे स्वयं अपने शरीर पर चंदन का लेप करते हैं। चंदन की माला से किए गए जाप से मन को शांति मिलती है और साधना में स्थिरता आती है। यह माला "सात्त्विक" प्रवृत्ति को बढ़ाती है।
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लाभ:
मानसिक तनाव दूर होता है।
आध्यात्मिक चेतना जाग्रत होती है।
व्यक्ति का आत्मविश्वास और आकर्षण बढ़ता है।

3. कमल गट्टे की माला – लक्ष्मी प्राप्ति के लिए उपयुक्त
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों का संबंध कमल से है। कमल गट्टे की माला विशेषतः लक्ष्मी कृपा पाने के लिए उपयोग में लाई जाती है। जब व्यक्ति विष्णु-लक्ष्मी संयुक्त मंत्रों का जप करना चाहता है, तब यह माला अत्यंत फलदायी होती है।
लाभ:
आर्थिक समृद्धि मिलती है।
व्यापार, नौकरी और धन में वृद्धि होती है।
दुर्भाग्य दूर होकर सौभाग्य आता है।

4. वैजयंती माला – विजय और यश की प्रतीक
पौराणिक आधार: वैजयंती माला का वर्णन अनेक पुराणों में मिलता है। इसकी माला को ‘विजयमाला’ भी कहा जाता है और यह दिव्य शक्तियों का संकलन है।
उपयुक्त मंत्र: “ॐ नमो नारायणाय” या “ॐ वासुदेवाय विद्महे” तरह के वैष्णव मंत्र।
लाभ:
विजय और सभी विघ्नों का नाश।
समाज में यश-कीर्ति एवं मान-सम्मान की वृद्धि।
भय, शत्रु-द्वेष तथा नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा।

जाप के नियम
  • प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पीले या श्वेत वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  • पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके शांत स्थान पर बैठें।
  • माला को गोमुखी में रखें या दाहिने हाथ से अंगूठा और मध्यमा अंगुली के सहारे फेरें। तर्जनी का प्रयोग न करें।
  • जाप की संख्या निश्चित रखें – 108 बार या 1008 बार।
  • मन को एकाग्र रखें, उच्चारण स्पष्ट हो और श्रद्धा से मंत्र बोलें।
  • जाप के बाद भगवान विष्णु का ध्यान करें और आभार प्रकट करें।

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