Shani Sade Sati Remedies: 13 मई 2025 से ज्येष्ठ महीने की शुरुआत हो चुकी है, जो धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। यह माह भीषण गर्मी और इसमें पड़ने वाले व्रत त्योहारों के लिए जाना जाता है। बता दें, ज्येष्ठ के महीने में अपरा एकादशी, बड़ा मंगल, वट सावित्री और गंगा दशहरा जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। इस दौरान शनि जयंती का पर्व भी मनाया जाता है, जिसका इंतजार सभी को सालभर रहता है।
Shani Jayanti 2025: मेष सहित इन दो राशि वालों पर शनि की साढे़साती, प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय
Shani Sade Sati Remedies: इस बार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी। इसका समापन 27 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर है।
कब है शनि जयंती 2025 ?
इस बार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी। इसका समापन 27 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर है। ऐसे में 27 मई 2025 के दिन शनि जयंती का पर्व मनाया जाएगा।
इन राशि वालों पर साढ़ेसाती का साया
ज्योतिषियों के अनुसार शनि के राशि परिवर्तन करने पर कुंभ, मेष और मीन राशि के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती का साया बना हुआ है। इस दौरान मेष पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण, मीन वालों पर दूसरा चरण और कुंभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है।
- ज्योतिषियों के मुताबिक शनि जयंती पर काली गाय की पूजा करें। पूजा के समय गाय के माथे पर तिलक लगाकर उसे लड्डू खिलाएं। अंत में परिक्रमा करें। इससे शनि दोष व साढ़ेसाती से मुक्ति प्राप्त होती है।
- शनि जयंती के अवसर पर आप पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा पेड़ की पूजा करते हुए सात बार परिक्रमा करें। इससे शनिदेव की कृपा प्राप्त होती हैं।
- इस दिन आप काले तिल और उड़द की दाल का दान करें। मान्यता है कि इससे शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
- शनि जयंती पर‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे साढ़ेसाती व शनि की ढैय्या से राहत मिलती है।
- शनि जयंती पर शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। साथ ही दान-दक्षिणा, पूजा-पाठ व असहाय लोगों की सहायता करें।
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