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Guruwar Ke Upay: केले के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है और किन लोगों को करनी चाहिए पूजा ?

Thu, 12 Jun 2025 11:11 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 12 Jun 2025 11:11 AM IST
सार

गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित, जानिए इस दिन केला के पेड़ का पूजन करने के लाभ और धार्मिक महत्व।

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Thursday Vrat Pooja Vidhi Aur Kele Ke Puja Ka Mahatva Guruwar Vrat Katha And Puja Tips to Follow
बृहस्पति ग्रह की प्रसन्नता के लिए भी केले के पेड़ की पूजा की जाती है। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

Guruwar Ke Upay: सनातन धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन का एक विशेष देवता से संबंध माना गया है। बृहस्पतिवार का दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। इस दिन व्रत, दान और पूजा से शुभता, ज्ञान, संतान सुख और वैवाहिक जीवन में संतुलन आता है। इस दिन केले के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे भगवान विष्णु का प्रतीक माना गया है। शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि इस वृक्ष को जल देने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है। इसकी पूजा करने से समस्त दांपत्य क्लेश समाप्त हो जाते हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है।  
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केले के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है?
पौराणिक मान्यता के अनुसार, केले के पेड़ में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का वास होता है। विशेषकर बृहस्पतिवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह पूजा व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि, संतान सुख और वैवाहिक सामंजस्य लाने वाली मानी गई है। इसके अतिरिक्त, बृहस्पति ग्रह की प्रसन्नता के लिए भी केले के पेड़ की पूजा की जाती है। देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, विवाह और संतान का कारक ग्रह माना गया है। यदि किसी की कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो, या विवाह में बाधा आ रही हो, तो केले के पेड़ की पूजा अत्यंत फलदायी होती है।
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किन व्यक्तियों को केले के पेड़ की पूजा अवश्य करनी चाहिए?
  • जिनकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह अशुभ स्थिति में हो।
  • जिन कन्याओं का विवाह नहीं हो पा रहा हो या विवाह में विलंब हो रहा हो।
  • जिनके वैवाहिक जीवन में कलह या असंतोष हो।
  • जिन्हें संतान प्राप्ति में बाधा हो रही हो।
  • जो आर्थिक तंगी, नौकरी या करियर में स्थिरता चाहते हैं।
  • जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य की वृद्धि चाहते हैं।

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केले के पेड़ की पूजा विधि और नियम
  • प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें।
  • केले के पेड़ को गंगाजल से शुद्ध करें और जल अर्पित करें।
  • पीली मिठाई, चने की दाल और हल्दी-चावल चढ़ाएं।
  • पेड़ पर पीला धागा (मौली) बांधें।
  • केले के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और भगवान विष्णु का ध्यान करें।
  • "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • व्रत रखने वाले दिन पीले वस्त्र धारण करें और पीली वस्तुओं का सेवन करें। नमक न लें।
  • इस दिन केले के फल का सेवन न करें, क्योंकि यह स्वयं पूजित स्वरूप होता है।

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