फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Shardiya Navratri 2022 Why is Navratri celebrated navratri kyu manate hai in hindi

Shardiya Navratri 2022: क्यों मनाई जाती है शारदीय नवरात्रि? जानिए क्या है पौराणिक मान्यता और इतिहास

Mon, 26 Sep 2022 12:29 AM IST
आशिकी पटेल ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Mon, 26 Sep 2022 12:29 AM IST
सार

Shardiya Navratri 2022: देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से नवरात्रि के पर्व को मनाया जाता है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। कुछ लोग पूरी रात गरबा और आरती कर नवरात्रि मनाते हैं, तो वहीं कुछ लोग व्रत और उपवास रख मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। 

विज्ञापन
Shardiya Navratri 2022 Why is Navratri celebrated navratri kyu manate hai in hindi
क्यों मनाई जाती है शारदीय नवरात्रि - फोटो : iStock

विस्तार

Shardiya Navratri 2022: पंचांग के अनुसार, इस साल 26 सितंबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि का ये पावन पर्व 26 सितंबर से शुरू होकर 04 अक्टूबर तक रहेगा। वहीं 05 अक्टूबर को दशहरा है। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां जगदंबे के नौ अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है। भारत में सदियों से नवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से नवरात्रि के पर्व को मनाया जाता है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। कहीं कुछ लोग पूरी रात गरबा और आरती कर नवरात्रि मनाते हैं, तो वहीं कुछ लोग व्रत और उपवास रख मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। लेकिन शारदीय नवरात्रि का पर्व क्यों मनाया जाता है इसके बारे में कम लोगों को पता होगा। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि शारदीय नवरात्रि का पर्व क्यों मनाया जाता है और इसके पीछे की पौराणिक मान्यता क्या है…

विज्ञापन


मां दुर्गा ने किया था महिषासुर का वध 
नवरात्रि का पर्व मनाए जाने के पीछे कई तरह की मान्यता है। एक पौराणिक मान्यता के अनुसार, महिषासुर नाम का एक दैत्य था। ब्रह्मा जी से अमर होने का वरदान पाकर वह देवताओं को सताने लगा था। महिषासुर के अत्याचार से परेशान होकर सभी देवता शिव, विष्णु और ब्रह्मा के पास गए। इसके बाद तीनों देवताओं ने आदि शक्ति का आवाहन किया। भगवान शिव और विष्णु के क्रोध व अन्य देवताओं से मुख से एक तेज प्रकट हुआ, जो नारी के रूप में बदल गया। अन्य देवताओं ने उन्हें अस्त्र-शस्त्र प्रदान किए। इसके बाद देवताओं से शक्तियां पाकर देवी दुर्गा ने महिषासुर को ललकारा। महिषासुर और देवी दुर्गा का युद्ध शुरू हुआ, जो 9 दिनों तक चला। फिर दसवें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। मान्यता है कि इन 9 दिनों में देवताओं ने रोज देवी की पूजा-आराधना कर उन्हें बल प्रदान किया। तब से ही नवरात्रि का पर्व मनाने की शुरुआत हुई। 
विज्ञापन


भगवान राम से भी जुड़ी है मान्यता  
नवरात्रि की एक कथा प्रभु श्रीराम से भी जुड़ी है। कहा जाता है कि माता सीता को रावण के चंगुल से छुड़ाने और रावण पर विजय पाने के लिए श्री राम ने देवी दुर्गा का अनुष्ठान किया। ये अनुष्ठान लगातार 9 दिन तक चला। अंतिम दिन देवी ने प्रकट होकर श्रीराम को विजय का आशीर्वाद दिया। दसवें दिन श्रीराम ने रावण का वध कर दिया। प्रभु श्रीराम ने आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तक देवी की साधना कर दसवें दिन रावण का वध किया था। तभी से हर साल नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed