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Rishi Panchami 2025: कब है ऋषि पंचमी, जानिए महत्व, पूजा विधि और व्रत से मिलने वाला फल

Thu, 14 Aug 2025 02:00 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 14 Aug 2025 02:00 PM IST
सार

Rishi Panchami Kab Hai 2025: सनातन धर्म में ऋषि पंचमी के त्योहार का विशेष महत्व होता है यह त्योहार गणेश चतुर्थी के अगले दिन मनाया जाता है। इस साल यह 28 अगस्त को है। ऋषि पंचमी के दिन गंगा स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है।

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Rishi Panchami Kab Hai 2025 Rishi Panchami Date Shubh Muhurat Importance
ऋषि पंचमी 2025 - फोटो : freepik

विस्तार

Rishi Panchami Kab Hai 2025: हिंदू धर्म में हर एक तिथि का विशेष महत्व होता है, जिसमें कई तरह के व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि ऋषि पंचमी के नाम से मनाई जाती है। सनातन धर्म में ऋषि पंचमी के त्योहार का विशेष महत्व होता है यह त्योहार गणेश चतुर्थी के अगले दिन मनाया जाता है। इस साल यह 28 अगस्त को है। ऋषि पंचमी के दिन गंगा स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। इस दिन सप्त ऋषियों - वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज की पूजा करने का महत्व होता है, जिन्होंने वेदों की शिक्षा दी और सनातन धर्म का मार्गदर्शन किया। ऋषि पंचमी का त्योहार महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस तिथि पर पूजा से उन दोषों का निवारण होता है और शुद्धता की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस वर्ष 28 अगस्त को मनाई जानी वाली ऋषि पंचमी का महत्व और पूजा विधि। 

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ऋषि पंचमी 2025 पूजा विधि
इस व्रष 28 अगस्त को ऋषि पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा।  इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हुए स्वच्छ वस्त्र धारण करने के साथ व्रत का संकल्प लें। फिर पूजा स्थल पर मिट्टी का चौकोर मंडल बनाकर, उस पर सप्तऋषियों की प्रतिमा या चित्र स्थापित किया जाता है। जिन लोगों के पास सप्तऋषियों की प्रतिमा ना हो तो इस दिन सात छोटे पात्रों में जल, चावल, पुष्प, और अन्य पूजा सामग्री रखकर उनका प्रतीकात्मक रूप से पूजन करें। इसके बाद गंगाजल, दूध, पंचामृत, और शुद्ध जल से अभिषेक करें या छींटे लगाएं। फिर पूजा में जनेऊ, अक्षत, रोली, चंदन, धूप, दीप, और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। सप्तऋषियों के नाम ध्यान में लेते हुए, उन पर पुष्प अर्पित किए जाते हैं। 

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ऋषि पंचमी का महत्व
महिलाओं के लिए ऋषि पंचमी का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान जाने-अनजाने में हुए पापों का निवारण इस व्रत को करने से होता है। यह व्रत नारी शक्ति के सम्मान और पवित्रता को संजोए रखने का प्रतीक माना जाता है। ऋषि पंचमी का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन में शुद्धता और धार्मिक नियमों का पालन है। यह व्रत विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जिन्होंने मासिक धर्म के दौरान किसी धार्मिक नियम का उल्लंघन किया हो, चाहे वह जानबूझकर हो या अनजाने में हो तो इस दिन ऋषियों की पूजा करने से सारे दोष समाप्त हो जाते हैं।

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ऋषि पंचमी पर है तुलसी पूजन का महत्व
ऋषि पंचमी के दिन तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व है। घर में तुलसी के पौधे के सामने दीप जलाकर उसकी पूजा करें और तुलसी की 108 परिक्रमा करें। तुलसी की पूजा से ऋषियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पवित्रता की प्राप्ति होती है।

ऋषि पंचमी पूजा से प्राप्त होने वाले फल 
ऋषि पंचमी व्रत का पालन करने से जीवन में शुद्धता और सात्विकता की प्राप्ति होती है। जो महिलाएं इस व्रत को करती हैं, उन्हें धार्मिक पवित्रता का लाभ मिलता है और पूर्व जन्मों के दोष भी समाप्त होते हैं। इसके साथ ही, ऋषियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

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