फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   ram leela ram setu nirman katha

रामलीलाः गजब बस इतने कम समय में बन गया सागर पर पुल

Thu, 10 Oct 2013 12:05 PM IST
टीम डिजिटल
टीम डिजिटल Updated Thu, 10 Oct 2013 12:05 PM IST
विज्ञापन
ram leela ram setu nirman katha

लंका से हनुमान जी के लौटने के बाद भगवान राम ने सागर पार करने की योजना पर विचार करना शुरू कर दिया। बाल्मिकी रामायण के अनुसार भगवान राम ने सबसे पहले सागर का निरिक्षण किया की किस स्थान से पुल बनाना आसान होगा। इसके बाद पुल का निर्माण कार्य आरंभ हुआ।

विज्ञापन


लेकिन जो भी पत्थर समुद्र में डाले जाते सभी डूब जाते। इससे वानर सेना में निराशा बढ़ने लगी। तब भगवान राम ने सागर से प्रार्थना शुरू की। सागर से कहा कि वह पुल निर्माण के लिए फेंके गए पत्थरों को बांधकर रखे। लेकिन सागर ने विनती नहीं सुनी।
विज्ञापन


भगवान राम को इससे सागर पर क्रोध आ गया। राम ने अपने दिव्य वाण को जैसे ही धनुष पर चढ़ाया सागर भागकर श्री राम के चरणों में आकर गिर पड़ा और क्षमा मांगने लगा। भगवान राम ने सागर को क्षमा दान दिया। सागर ने कहा कि आपकी सेना में नल और नील नाम के दो वानर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भगवान विश्वकर्मा के पुत्र हैं और विश्वकर्मा के समान ही शिल्पकला में निपुण हैं। इनके हाथों से पुल का निर्माण करवाइए, मैं पत्थरों को लहरों से बहने नहीं दूंगा। राम ने नल और नील के हाथों पुल निर्माण का काम शुरू करवाया। नल और नील को वरदान प्राप्त था कि उनके हाथों से फेंका गया पत्थर पानी में डूबेगा नहीं। बस फिर क्या था देखते ही देखते वानर सेना ने महज पांच दिनों में लंका तक पुल का निर्माण कर दिया।


उधर लंका में रावण इस खुशफहमी में जी रहा था कि सागर पर पुल बनाने में राम असफल होंगे लेकिन जब राम के पुल बनाकर लंका पहुंचने की खबर जब रावण को मिली तो उसके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। रावण को लगने लगा कि अब युद्घ निश्चित है इसलिए सेना तैयार करने में जुट गया। कल पढ़िए रावण कहां रखता था अपना पुष्पक विमान

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed