Shardiya Navratri 2026: हिंदू धर्म में चार नवरात्रि मनाई जाती हैं, जिनमें शारदीय नवरात्रि को विशेष और प्रमुख माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान देवी मां की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। इस नवरात्रि के दौरान दुर्गाष्टमी और महानवमी जैसे पर्व भी मनाए जाते हैं। इसके साथ ही दशहरा, करवा चौथ और दिवाली जैसे बड़े पर्वों का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस साल 11 अक्तूबर 2026, रविवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी दिन कलश स्थापना के साथ नवरात्रि की विधिवत शुरुआत की जाती है। इस दिन जौ बोने की भी परंपरा है। ऐसे में आइए जानते हैं नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और पूजा विधि।
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शारदीय नवरात्रि 2026: 11 अक्तूबर को नवरात्रि का पहला दिन, जानें पूजा विधि से लेकर कलश स्थापना का मुहूर्त
Wed, 07 Oct 2026 01:06 PM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:06 PM IST
सार
Shardiya Navratri 2026: हर बार शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि से होता है। इस साल 11 अक्तूबर 2026, रविवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। आइए इस दिन के महत्व और पूजन को जानते हैं।
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Shardiya Navratri 2026
- फोटो : अमर उजाला AI
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Shardiya Navratri 2026
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घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
- 11 अक्तूबर 2026 को घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।
- अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
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11 अक्तूबर का चौघड़िया- शुभ: सुबह 6:19 से 7:48 बजे तक
- रोग: सुबह 7:48 से 9:17 बजे तक
- उद्वेग: सुबह 9:17 से 10:46 बजे तक
- चर: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक
- लाभ: दोपहर 12:15 से 1:44 बजे तक
- अमृत: दोपहर 1:44 से 3:13 बजे तक
- काल: दोपहर 3:13 से 4:42 बजे तक
- शुभ: शाम 4:42 से 6:11 बजे तक
Shardiya Navratri 2026
- फोटो : freepik
रात का चौघड़िया
- अमृत: शाम 6:11 से 7:42 बजे तक
- चर: शाम 7:42 से 9:13 बजे तक
- रोग: रात 9:13 से 10:44 बजे तक
- काल: रात 10:44 से 12:15 बजे तक
- लाभ: रात 12:15 से 1:46 बजे तक
- उद्वेग: रात 1:46 से 3:17 बजे तक
- शुभ: रात 3:17 से 4:48 बजे तक
- अमृत: सुबह 4:48 से 6:19 बजे तक
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Shardiya Navratri 2026
- फोटो : adobe stock
नवरात्रि के पहले दिन पूजा विधि
- एक साफ चौकी पर माता रानी की मूर्ति स्थापित करें और देवी मां को लाल चुनरी अर्पित करें।
- माता का विधि-विधान से श्रृंगार करें और देवी मां को फूल चढ़ाएं और तिलक लगाएं।
- माता के समक्ष धूप-दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लें।
- अब मौसमी फल ,मिठाई और कुछ सूखे मैवे भी रख लें।
- जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें और उसके ऊपर नारियल-लाल चुनरी रखें।
- कलश स्थापना के साथ जौ बोने की परंपरा भी निभाएं।
- देवी मां की पूजा-अर्चना करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- अंत में माता रानी की आरती करें और अनजाने में हुई गलतियों के लिए देवी मां से क्षमा प्रार्थना करें।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।