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दहल जाएंगे, महिलाओं का अपहरण करने की ऐसी सजा है यमलोक में
टीम डिजिटल
Updated Tue, 01 Oct 2013 12:16 PM IST
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तीनों लोकों में यमराज का दंड सबसे कठोर और पीड़ा दायक होता है। शनि के भाई होने के कारण यह भी बिना किसी पक्षपात के पापियों को ऐसी सजा देते हैं जिससे यमलोक तो यमलोक पृथ्वी पर जन्म लेने के बाद भी पापी मनुष्य को सजा भुगतनी पड़ती है।
पृथ्वी पर भले ही चोरी या अपहरण करने पर चार अथवा छह महीने की जेल की सजा भुगतकर रिहा हो जाएं लेकिन याद रखिए उपर जाकर आपको फिर से अपने गुनाहों की सजा भुगतनी पड़ेगी। गरूड़ पुराण में लिखा है कि लालच में आकर अगर कोई व्यक्ति सोना चुराता है तो उसे कीट, पतंग एवं मल मू़त्र में रहने वाले कीट की योनी में जन्म लेकर दु:ख पाने के लिए विवश करते हैं।
पढ़ें, अक्तूबर महीने का राशिफल विस्तार से
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अमानत के तौर पर प्राप्त किसी के धन को गवन कर जाने वाला व्यक्ति उसी प्रकार अपराधी होता है जैसे किसी की स्त्री का अपहरण करके संबंध बनाने वाला दोषी होता है। इन दोनों ही पापों की सजा यह है कि पापात्मा प्राणी को यमराज ब्रह्मराक्षस बनाते हैं। इन्हें भूख-प्यास खूब लगती है लेकिन सामने भोजन पानी होते हुए भी कुछ खा पी नहीं सकते जिससे व्याकुल होकर तरपते रहते हैं।
इस साल मां दुर्गा शेर पर नहीं फिर किस पर आएंगी
ब्राह्मण के धन को चुराने वाले के लिए भी यमलोक में यही सजा निर्धारित है। मंदिर में अथवा देवाताओं की पूजा और अन्य कार्यों के लिए रखे हुए धन से जो व्यक्ति व्यक्ति जरूरतों को पूर्ति करता है उसके कुल का नाश होता है।
पिछले अंक में, कुंवारी कन्याओं से संबंध बनाने की सजा
अगले अंक में पढ़िए, यमलोक जाने से बचने के उपाय
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पृथ्वी पर भले ही चोरी या अपहरण करने पर चार अथवा छह महीने की जेल की सजा भुगतकर रिहा हो जाएं लेकिन याद रखिए उपर जाकर आपको फिर से अपने गुनाहों की सजा भुगतनी पड़ेगी। गरूड़ पुराण में लिखा है कि लालच में आकर अगर कोई व्यक्ति सोना चुराता है तो उसे कीट, पतंग एवं मल मू़त्र में रहने वाले कीट की योनी में जन्म लेकर दु:ख पाने के लिए विवश करते हैं।
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ब्राह्मण के धन को चुराने वाले के लिए भी यमलोक में यही सजा निर्धारित है। मंदिर में अथवा देवाताओं की पूजा और अन्य कार्यों के लिए रखे हुए धन से जो व्यक्ति व्यक्ति जरूरतों को पूर्ति करता है उसके कुल का नाश होता है।
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