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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Pitru Paksha 2024 After Pind Daan in Gaya you must do this work after returning home

Pitru Paksha 2024: गया में पिंडदान करके लौटे, तो घर लौट कर जरूर करें ये काम

Sun, 08 Sep 2024 12:17 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 08 Sep 2024 12:17 PM IST
सार

इस साल यह 17 सितंबर से शुरू हो रहा है। पितृ पक्ष 2 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। पितृ पक्ष के दौरान पितरों को गंगा जल और तिल मिलाकर तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पितरों के प्रसन्न होने पर घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। 

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Pitru Paksha 2024 After Pind Daan in Gaya you must do this work after returning home
pitru paksha - फोटो : amar ujala

विस्तार

Pitru Paksha 2024: पितृपक्ष भाद्रपद माह की पूर्णिमा से लेकर आश्विन माह की अमावस्या तक चलता है। इस साल यह 17 सितंबर से शुरू हो रहा है। पितृ पक्ष 2 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। पितृ पक्ष के दौरान पितरों को गंगा जल और तिल मिलाकर तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पितरों के प्रसन्न होने पर घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। 

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18 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध के साथ पितृ पक्ष शुरू हो जागा।  इस पितृ पक्ष में पितरों को पितृ तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि का आनंद मिलता है। इन 15 दिनों में पितर धरती पर रहते हैं। जब लोग अपने पूर्वजों के लिए प्रार्थना करते हैं, तो उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है। वह अपने पूर्वजों की भूमि से स्वर्ग में रहना शुरू करता है। पितृ पक्ष के बारे में एक बात याद रखने वाली है। पिता की मृत्यु तिथि, पिंडदान उसी दिन तैयार हो जाना चाहिए।
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गया में तर्पण के बाद घर पर करें यह काम 

  • ज्योतिषियों के अनुसार, पितरों  पक्ष के दौरान बिहार के गया जिले में लोग पितृ तर्पण करते हैं। गया को पैतृक धार्मिक स्थान माना जाता है। लेकिन गया में पितृ तर्पण बनाने के बाद, घर पहुँचने पर कुछ काम करने आवश्यक है।
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  • गया में तर्पण करने के बाद घर पहुंचकर सबसे पहले भगवान विष्णु की पूजा करें और सत्यनारायण कथा सुनें। साथ ही भगवान विष्णु के नाम से प्रार्थना करें। 
  • अपने पितरों के नाम पर ब्राह्मणों और उनके परिवारों को भोजन कराएं। इसे गया श्राद्ध भी कहा जाता है। इस विधि से श्राद्ध करने से तर्पण समाप्त माना जाता है और आपको सुखद परिणाम मिलता है।

पितृ पक्ष 2024 तिथियां
वर्ष 2024 में पितृ पक्ष 17 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर को समाप्त होगा। आइए जानते हैं कि इस साल पितृ पक्ष में श्राद्ध की तिथियां कौन-कौन सी हैं?
17 सितंबर, मंगलवार: पूर्णिमा श्राद्ध
18 सितंबर, बुधवार: प्रतिपदा श्राद्ध
19 सितंबर, गुरुवार: द्वितीया श्राद्ध
20 सितंबर, शुक्रवार: तृतीया श्राद्ध
21 सितंबर, शनिवार: चतुर्थी श्राद्ध, महाभरणी
22 सितंबर, रविवार: पंचमी श्राद्ध
23 सितंबर, सोमवार: षष्ठी श्राद्ध, सप्तमी श्राद्ध
24 सितंबर, मंगलवार: अष्टमी श्राद्ध
25 सितंबर, बुधवार: नवमी श्राद्ध, मातृ नवमी
26 सितंबर, गुरुवार: दशमी श्राद्ध
27 सितंबर, शुक्रवार: एकादशी श्राद्ध
29 सितंबर, रविवार: द्वादशी श्राद्ध, मघा श्राद्ध
30 सितंबर, सोमवार: त्रयोदशी श्राद्ध
1 अक्टूबर, मंगलवार: चतुर्दशी श्राद्ध
2 अक्टूबर, बुधवार: अमावस्या श्राद्ध, सर्व पितृ अमावस्या

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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