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Ganesh Jayanti 2020: माघी गणेश जयंती आज, क्या है इस गणेश चतुर्थी का महत्व
Tue, 28 Jan 2020 12:40 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 28 Jan 2020 12:40 PM IST
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ganesh chaturthi 2020
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हिंदू धर्म में माघ का महीना बहुत ही पवित्र माना जाता है। माघ के महीने में माघी गणेश जयंती मनाई जाती है। माघी जयंती 28 जनवरी, मंगलवार को है। वैसे तो हर महीने में कृष्ण और शुक्ल पक्ष में गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। मंगलवार के दिन पड़ने वाली गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।
Ganesh Jayanti 2020 importance
भगवान गणेश को संकटमोचक और विध्नहर्ता कहा जाता है। गणेश जयंती का व्रत करने से भगवान गणेश सभी तरह की मनोकामनाएं को पूरा कर देते हैं। कई जगहों पर माघ माह की गणेश चतुर्थी भगवान गणेश का जन्मदिन को तौर पर मनाया जाता है। माघ के महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को महाराष्ट्र में बड़े ही उत्साह के साथ गणेश जयंती मनाई जाती है। इस मौके पर प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में भक्तों की भीड़ होती है।
गणेश जयंती को माघ शुक्ल चतुर्थी( magha shukla chaturthi), तिलकुंड चतुर्थी( tilkind chaturthi)और वरद चतुर्थी (varad chaturthi)कहा जाता है। वरद चतुर्थी व्रत करने से सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है। चतुर्थी व्रत में भगवान गणेश और चंद्रमा की पूजा की जाती है।
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पूजा-विधि Ganesh Jayanti 2020 puja vidhi
इस दिन व्रतधारी लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर रखें।
पांच दुर्वा गणेश जी को अर्पित करें।
गणेश जी को लाल सिंदूर से तिलक करें।
तिल से बनी चीजों से गणेश जी को भोग लगाएं।
गणेश जी को लाल वस्त्र भेंट करें।
पांच बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
पान सुपारी अर्पित करें।
व्रत रखने वाले लोग सायंकाल में संकष्टी गणेश चतुर्थी की कथा पढ़ें या सुनें और दूसरो को भी सुनाएं।
गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।।
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Ganesh Jayanti 2020 importance
भगवान गणेश को संकटमोचक और विध्नहर्ता कहा जाता है। गणेश जयंती का व्रत करने से भगवान गणेश सभी तरह की मनोकामनाएं को पूरा कर देते हैं। कई जगहों पर माघ माह की गणेश चतुर्थी भगवान गणेश का जन्मदिन को तौर पर मनाया जाता है। माघ के महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को महाराष्ट्र में बड़े ही उत्साह के साथ गणेश जयंती मनाई जाती है। इस मौके पर प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में भक्तों की भीड़ होती है।
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गणेश जयंती को माघ शुक्ल चतुर्थी( magha shukla chaturthi), तिलकुंड चतुर्थी( tilkind chaturthi)और वरद चतुर्थी (varad chaturthi)कहा जाता है। वरद चतुर्थी व्रत करने से सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है। चतुर्थी व्रत में भगवान गणेश और चंद्रमा की पूजा की जाती है।
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पूजा-विधि Ganesh Jayanti 2020 puja vidhi
इस दिन व्रतधारी लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर रखें।
पांच दुर्वा गणेश जी को अर्पित करें।
गणेश जी को लाल सिंदूर से तिलक करें।
तिल से बनी चीजों से गणेश जी को भोग लगाएं।
गणेश जी को लाल वस्त्र भेंट करें।
पांच बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
पान सुपारी अर्पित करें।
व्रत रखने वाले लोग सायंकाल में संकष्टी गणेश चतुर्थी की कथा पढ़ें या सुनें और दूसरो को भी सुनाएं।
गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।।