Masik Shivratri September 2021: मासिक शिवरात्रि व्रत आज, जानें मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व
मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति मासिक शिवरात्रि का व्रत विधि-विधान से रखता है उसे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उसके जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और संतान प्राप्ति, रोगों से मुक्ति के लिए भी मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है।
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Masik Shivratri September 2021: भाद्रपद मास का शिवरात्रि व्रत आज 5 सितंबर रविवार को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, मासिक शिवरात्रि व्रत प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है। प्रत्येक माह की यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इसलिए इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति मासिक शिवरात्रि का व्रत विधि-विधान से रखता है उसे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उसके जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और संतान प्राप्ति, रोगों से मुक्ति के लिए भी मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है।
मासिक शिवरात्रि शुभ मुहूर्त
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - सुबह 08:21 बजे, सितम्बर 05, 2021
चतुर्दशी तिथि समाप्त - सुबह 07:38 बजे, सितम्बर 06, 2021
मासिक शिवरात्रि व्रत विधि
सुबह जल्दी उठें और नित्यकर्म के बाद स्नान करें। अब घर के मंदिर में दीप जलाएं। सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। अगर आपके घर में शिवलिंग है तो शिवलिंग का गंगा जल से अभिषेक करें। गंगा जल नहीं होने पर आप साफ पानी से भी भोले बाबा का अभिषेक कर सकते हैं। जिनके घर में शिवलिंग नहीं है वे भोले बाबा का ध्यान करें। भगवान शिव की आरती करें। भगवान शिव के साथ माता पार्वती की आरती भी करें। इस दिन अपनी इच्छानुसार भगवान शंकर को भोग लगाएं। भोग में कुछ मीठा भी शामिल करें।
पौराणिक महत्व
पौराणिक के अनुसार भगवान शिव महाशिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि के समय शिव लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। जिसके बाद सबसे पहले भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु ने उनकी पूजा की थी। शास्त्रों के अनुसार अपने जीवन के उद्धार करने हेतु माता लक्ष्मी, मां सरस्वती, मां गायत्री, माता सीता, मां पार्वती और मां रति ने भी शिवरात्रि का व्रत रखा था।
इन बातों का रखें ध्यान
मासिक शिवरात्रि के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए। इस दिन अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए, ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और मन में किसी के प्रति गलत विचार नहीं लाने चाहिए, किसी को अपशब्द नहीं कहना चाहिए, मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। असत्य नहीं बोलना चाहिए। क्रोध नहीं करना चाहिए।