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अर्जुन की भक्ति से ऐसी चीज से प्रकट हुए शिव आप सोच भी नहीं सकते
टीम डिजिटल
Updated Wed, 29 Jan 2014 09:05 AM IST
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कहते हैं भगवान भक्त के हृदय में रहते हैं। मंदिर और देवस्थान तो मन को दिलासा दिलाने की बात है कि यहां भगवान रहते हैं। भगवान विष्णु ने नरसिंह के रुप में खंभे से अवतार लेकर इस बात को साबित किया तो भगवान शिव ने ऐसी चीज से प्रकट होकर इस बता का साबित किया जिसका कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता।
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महाभारत की कथा में उल्लेख मिलता है कि जब जुए में पांण्डव सब कुछ गंवाकर जंगल-जंगल भटक रहे थे उन दिनों एक बार पाण्डव ऐसी जगह पहुंच गए जहां दूर-दूर तक न कोई मंदिर था और न कहीं शिवलिंग। पाण्डवों के लिए यह समस्या हो गई कि अब अर्जुन कैसे भोजन करेंगे, क्योंकि बिना शिवलिंग की पूजा किए अर्जुन भोजन नहीं करते थे।
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ऐसे में भीम को एक उपाय सूझा, इन्होंने वृक्ष के एक मोटे तने को जमीन में गाड़ दिया और इसके उपर फूल बेलपत्र चढ़ाकर ऐसा बना दिया जैसे तना शिवलिंग हो। इसके बाद भीम जाकर अर्जुन से कहने लगे कि शिवलिंग मिल गया है चलकर पूजा कर लो। अर्जुन प्रसन्न हुए और शिवलिंग की पूजा करने पहुंच गए। भीम द्वारा बनाए शिवलिंग की पूजा करने के बाद जब अर्जुन ने भोजन ग्रहण कर लिया तब भीम खूब हंसने लगे कि तुम्हें भोजन करवाने के लिए मैंने नकली शिवलिंग बनाया था।
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इस पर अर्जुन ने कहा कि वह नकली नहीं असली शिवलिंग है। युधिष्ठिर ने भीम और अर्जुन के विवाद को दूर करने के लिए युक्ति निकाली कि चलो देखते हैं कि शिवलिंग असली है या नकली। पांचों पाण्डव शिवलिंग के पास पहुंचे। युधिष्ठिर ने कहा कि भीम, अगर तुमने तने का शिवलिंग स्थापित किया है और यह नकली शिवलिंग है तो इसे उखाड़कर दिखाओ।
भीम ने खूब जोर लगाया लेकिन भीम द्वारा स्थापित शिवलिंग हिला तक नहीं। इस पर युधिष्ठिर ने कहा कि अर्जुन की भक्ति और श्रद्धा से तना अब तना नहीं रहा इसमें साक्षात महादेव का वास हो गया है। अर्जुन ने नकली नहीं असली शिवलिंग की पूजा की है।