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Kalashtami Vrat : कालाष्टमी व्रत आज, जानें इसका महत्व और पूजा विधि

Tue, 24 Sep 2024 06:16 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 24 Sep 2024 06:16 AM IST
सार

प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान काल भैरव की उपासना का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य आदि करने से भगवान काल भैरव प्रसन्न होते हैं

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Kalashtami Vrat Date Time mahatv and Puja Vidhi in Hindi
kalashtami vrat - फोटो : amar ujala

विस्तार

September Kalashtami Vrat 2024: आज यानी 24 सितम्बर को कालाष्टमी व्रत रखा जा रहा है। माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान काल भैरव की उपासना का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य आदि करने से भगवान काल भैरव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। इस दिन भैरव जी को नींबू की माला अर्पित की जाती है और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या धन का दान किया जाता है। 

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शास्त्रों के अनुसार, कालाष्टमी व्रत के दिन साधक को किसी भी व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए, अन्यथा पूजा का फल प्राप्त नहीं होता है, साथ ही तामसिक भोजन और मांस-मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि जो व्यक्ति विधि-विधान से काल भैरव की उपासना करता है, उसे रोग-दोष और अकाल मृत्यु का भय दूर हो जाता है। 
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कालाष्टमी व्रत की पूजा विधि 

  • कालाष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें।
  • घर की साफ-सफाई करें।
  • स्नान आदि कार्य करने के बाद शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • घर में मौजूद मंदिर की गंगाजल से सफाई करें।
  • मंदिर में चौकी रखें। उसके ऊपर लाल रंग का कपड़ा बिछाने के बाद भगवान काल भैरव और शिव जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
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  • काल भैरव जी को सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
  • काल भैरव और शिव जी की पूजा करें।
  • भगवान की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। इस दौरान मंत्रों का उच्चारण करें।
  • फल और मिठाई का भगवान को भोग लगाएं।
  • हाथ जोड़कर भगवान से अपनी गलतियों के लिए माफी मांगे।
  • भगवान की आरती करें और व्रत का संकल्प लें।
  • अंत में सूर्य देव को जल अर्पित करके पूजा का समापन करें।


इन बातों का रखें ध्यान 

  • काल भैरव की विशेष पूजा काला तिल, उड़द और सरसों तेल को शमिल करें। 
  • इस दिन काल भैरव कथा का पाठ करें और भगवान शिव को समर्पित मंत्रों का जाप करें।  
  • काले श्वान(कुत्ते) को भगवान भैरव का वाहन माना जाता है, इसलिए इस दिन श्वान को भोजन कराने की परंपरा भी है। उसे दूध, दही और मिठाई खिलाएं। 


कालाष्टमी का व्रत कब है?
24 सितंबर 2024 को दोपहर 12:38 मिनट से आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 25 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर होगा। ऐसे में कालाष्टमी का व्रत 24 सितंबर 2024 को रखा जाएगा। इस दिन काल भैरव की पूजा प्रात: काल में 04:04 मिनट से लेकर 05:32 तक केवल ब्रह्म मुहूर्त में ही की जा सकती है। इसके बाद पूजा का कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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