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Falgun Amavasya 2024: शिव खप्पर पूजा और फाल्गुन अमावस्या आज, इस दिन करें यह उपाय
Sun, 10 Mar 2024 09:02 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 10 Mar 2024 09:02 AM IST
सार
अमावस्या के दिन पूजा-पाठ, जप-तप और दान करने से सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन शिव खप्पर पूजा भी होती है। खप्पर पूजा महाशिवरात्रि के बाद अमावस्या को होती है, इसलिए इस अमावस्या का और भी महत्व बढ़ जाता है।
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खप्पर पूजा महाशिवरात्रि के बाद अमावस्या को होती है, इसलिए इस अमावस्या का और भी महत्व बढ़ जाता है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Falgun Amavasya 2024: सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। पंचांग के अनुसार फाल्गुन अमावस्या आज यानी 10 मार्च को है। अमावस्या के दिन पूजा-पाठ, जप-तप और दान करने से सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन शिव खप्पर पूजा भी होती है। खप्पर पूजा महाशिवरात्रि के बाद अमावस्या को होती है, इसलिए इस अमावस्या का और भी महत्व बढ़ जाता है। माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर भगवान भोले की आराधना अमावस्या के दिन खप्पर पूजा के बगैर अधूरी है।
शिव खप्पर पूजा का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार महादेव का परिवार बहुत बड़ा है। उनके पास भांग के अलावा कुछ भी नहीं था। वे भस्म लगाकर श्मशान में रहते थे, लेकिन उनके परिवार में भूत-प्रेत, नंदी, सिंह, सर्प, मयूर व मूषक सभी भूखे रहते थे। एक दिन इन सभी को भूखा देख भगवान शंकर मां अन्नपूर्णा के पास गए। भगवान शिव ने उनसे भिक्षा मांगी। इस पर मां अन्नपूर्णा ने भगवान शंकर के पास जो खप्पर था, उसको अन्न से भर दिया। वो खप्पर आज तक खाली नहीं हुआ है। मान्यता है कि मां अन्नपूर्णां इसी खप्पर से सारी सृष्टि का पालन कर रही हैं। शिव खप्पर पूजा करने पर आपके जीवन के दुःख दूर होते हैं, धन-धान्य, सुख-सौभाग्य से परिपूर्ण होकर पूजा करने वाला श्रीवान एवं ऐश्वर्यवान बन जाता है। इस दिन किए जाने वाले कुछ धार्मिक उपाय बहुत पुण्यदायी माने जाते हैं।
फाल्गुन अमावस्या के दिन करें ये उपाय
फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि के दिन पुण्य प्राप्ति के लिए किसी नदी, समुद्र या सरोवर तीर्थ पर जाकर स्नान-ध्यान करना चाहिए। यदि आप ऐसे किसी तीर्थ स्थान पर न जा सकें तो किसी पवित्र नदी या सरोवर का जल पानी में मिलाकर घर पर स्नान करें,सौभाग्य में वृद्धि होगी।
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अमावस्या तिथि को पितरों के लिए समर्पित माना गया है, ऐसे में इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से उनके निमित्त पिंडदान, तर्पण और दान करना चाहिए, ऐसा करने से सुख और समृद्धि बढ़ती है। इस दिन पितरों के उद्देश्य से किया गया तीर्थ स्नान, दान और श्राद्ध अक्षय फल देने वाला होता है।
फाल्गुन अमावस्या के दिन अन्न दान करने का बहुत महत्व है।इस दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र, दवा आदि का दान करें और चीटियों को आटा डालें।
फाल्गुन में पड़ने वाली अमावस्या के दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस दिन यदि कोई व्यक्ति विधि-विधान से श्रीहरि के साथ देवी लक्ष्मी की पूजा करता है, उसके जीवन से जुड़ी सभी प्रकार की परेशानियां दूर हो जाती हैं।
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शिव खप्पर पूजा का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार महादेव का परिवार बहुत बड़ा है। उनके पास भांग के अलावा कुछ भी नहीं था। वे भस्म लगाकर श्मशान में रहते थे, लेकिन उनके परिवार में भूत-प्रेत, नंदी, सिंह, सर्प, मयूर व मूषक सभी भूखे रहते थे। एक दिन इन सभी को भूखा देख भगवान शंकर मां अन्नपूर्णा के पास गए। भगवान शिव ने उनसे भिक्षा मांगी। इस पर मां अन्नपूर्णा ने भगवान शंकर के पास जो खप्पर था, उसको अन्न से भर दिया। वो खप्पर आज तक खाली नहीं हुआ है। मान्यता है कि मां अन्नपूर्णां इसी खप्पर से सारी सृष्टि का पालन कर रही हैं। शिव खप्पर पूजा करने पर आपके जीवन के दुःख दूर होते हैं, धन-धान्य, सुख-सौभाग्य से परिपूर्ण होकर पूजा करने वाला श्रीवान एवं ऐश्वर्यवान बन जाता है। इस दिन किए जाने वाले कुछ धार्मिक उपाय बहुत पुण्यदायी माने जाते हैं।
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फाल्गुन अमावस्या के दिन करें ये उपाय
फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि के दिन पुण्य प्राप्ति के लिए किसी नदी, समुद्र या सरोवर तीर्थ पर जाकर स्नान-ध्यान करना चाहिए। यदि आप ऐसे किसी तीर्थ स्थान पर न जा सकें तो किसी पवित्र नदी या सरोवर का जल पानी में मिलाकर घर पर स्नान करें,सौभाग्य में वृद्धि होगी।
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Falgun Amavasya 2024: फाल्गुन अमावस्या आज, जानें स्नान-दान का मुहूर्त और महत्व
इस अमावस्या के दिन शिव खप्पर पूजा होने से इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद किसी शिव मंदिर में जाकर शिवपरिवार सहित शिवजी की पूजा करें। धूप-दीप जलाएं और आरती करें। पूजा में उनके मंत्र 'ऊँ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।अमावस्या तिथि को पितरों के लिए समर्पित माना गया है, ऐसे में इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से उनके निमित्त पिंडदान, तर्पण और दान करना चाहिए, ऐसा करने से सुख और समृद्धि बढ़ती है। इस दिन पितरों के उद्देश्य से किया गया तीर्थ स्नान, दान और श्राद्ध अक्षय फल देने वाला होता है।
फाल्गुन अमावस्या के दिन अन्न दान करने का बहुत महत्व है।इस दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र, दवा आदि का दान करें और चीटियों को आटा डालें।
फाल्गुन में पड़ने वाली अमावस्या के दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस दिन यदि कोई व्यक्ति विधि-विधान से श्रीहरि के साथ देवी लक्ष्मी की पूजा करता है, उसके जीवन से जुड़ी सभी प्रकार की परेशानियां दूर हो जाती हैं।