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Chandra Grahan 2020: आज लगेगा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण, जानिए ग्रहण की पूरी जानकारी
Fri, 05 Jun 2020 08:23 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 05 Jun 2020 08:23 AM IST
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चन्द्र ग्रहण 2020: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण का विशेष महत्व बताया गया है।
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खगोलशास्त्र और ज्योतिषशास्त्र में ग्रहण को काफी महत्व दिया जाता है। साल का दूसरा चंद्र ग्रहण आज 5 जून 2020 को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण 5 जून की रात को 11 बजकर 16 मिनट से शुरू हो जाएगा जो रात के 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। 5 जून को लगने वाला यह ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। आइए जानते हैं क्या होता है ये मांद्य चंद्र ग्रहण, ग्रहण का सूतक काल और कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण।
Lunar Eclipse 2020: चंद्र ग्रहण का धार्मिक कारण, राहु-केतु की वजह से लगता है ग्रहण
उपच्छाया चंद्र ग्रहण
यहां-यहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
नहीं लगेगा सूतक
साल 2020 में कुल 4 चंद्र ग्रहण
साल 2020 में 2 सूर्य ग्रहण
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Lunar Eclipse 2020: चंद्र ग्रहण का धार्मिक कारण, राहु-केतु की वजह से लगता है ग्रहण
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उपच्छाया चंद्र ग्रहण
- इससे पहले इसी साल के शुरुआती महीने में हुआ चंद्र ग्रहण मांद्य चंद्र ग्रहण था जिसे उपच्छाया भी कहा जाता है। मांद्य यानी मंद पड़ने की क्रिया को कहते हैं। इसमें चंद्रमा की छवि धूमिल होती हुई दिखती है। इस क्रिया में चंद्रमा का कोई भी भाग ग्रस्त नहीं होगा जिस कारण से ग्रहण का सूतक काल प्रभावी नहीं रहेगा।
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यहां-यहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
- भारत समेत यह चंद्र ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अफ्रीका के देशों में दिखाई देगा। ज्योतिष नजरिए से देखा जाए तो यह चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में घटित होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा और सूर्य को राहु ग्रसित करता है, जिस कारण से भगवान अत्यंत कष्ट में रहते हैं। ऐसे समय में जब कोई भक्त पूजा-पाठ करता है, तो भगवान को इससे बल मिलता है और उनका कष्ट कम होता है। ग्रहण के दौरान जितनी आराधना की जाए, उससे कई गुणा ज्यादा फल की प्राप्ति होती है। चंद्र ग्रहण के अवसर पर कराएं चंद्र गायत्री मंत्रों का जाप , घर होगा धन - समृद्धि से संपन्न - 1000 मंत्र : 5 जून 2020
नहीं लगेगा सूतक
- शास्त्रों में ग्रहण काल के दौरान लगने वाले सूतक काल को अशुभ माना जाता है। 5 जून को जो चंद्र ग्रहण लगेगा उसमें सूतक का प्रभाव नहीं रहेगा। यह केवल उपछाया चंद्र ग्रहण है। ज्योतिशास्त्र में उपछाया चंद्र ग्रहण को ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता है। ऐसे में इस चंद्र ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होने के कारण सभी तरह के धार्मिक कार्यों की किसी भी तरह की कोई मनाही नहीं होगी। धार्मिक कार्य भी संपन्न होंगे और मंदिरों के कपाट भी खुले रहेंगे।
साल 2020 में कुल 4 चंद्र ग्रहण
- साल 2020 में कुल मिलाकर चार चंद्र ग्रहण है जिसमें पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी को लग चुका है। अब 5 जून, 5 जुलाई और 30 नवंबर को चंद्र ग्रहण है।
साल 2020 में 2 सूर्य ग्रहण
- इस वर्ष कुल 2 सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा। पहला सूर्य ग्रहण 21 जून 2020 को और दूसरा 14 दिसंबर को होगा। 21 जून को लगाने वाला सूर्य ग्रहण भारत में देखा जा सकेगा। जबकि 14 नवंबर को जो ग्रहण होगा वह भारत में दिखाई नहीं देगा।