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चैत्र नवरात्र: नौका पर सवार होकर आएंगी भगवती, गज पर होंगी विदा
Tue, 24 Mar 2020 01:22 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 24 Mar 2020 01:22 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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चैत्र नवरात्र का प्रारंभ 25 मार्च बुधवार से हो रहा है। इसी दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना होगी और नौ दिन के व्रत भी रखे जाएंगे। चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा नौका पर सवार होकर भक्तों के घर आ रही हैं जो सभी मनोरथ पूर्ण करेंगी। वहीं गज पर सवार होकर विदा होंगी।
ज्योतिषाचार्य आचार्य श्यामदत्त चतुर्वेदी ने बताया कि मां दुर्गा का आगमन कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जाता है। मां का आगमन भविष्य में होने वाली कई घटनाओं का संकेत भी देता है।
प्राचीन काल से मां दुर्गा का आगमन और विदाई को ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। इससे पता चल जाता है कि आने वाला साल राष्ट्र और आम लोगों के लिए कैसा रहने वाला है।
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ज्योतिषाचार्य आचार्य श्यामदत्त चतुर्वेदी ने बताया कि मां दुर्गा का आगमन कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जाता है। मां का आगमन भविष्य में होने वाली कई घटनाओं का संकेत भी देता है।
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प्राचीन काल से मां दुर्गा का आगमन और विदाई को ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। इससे पता चल जाता है कि आने वाला साल राष्ट्र और आम लोगों के लिए कैसा रहने वाला है।
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मां नौका पर सवार होकर आने का तात्पर्य आपदा के इस मझधार में फंसे लोगों को मां किनारे लगाने जा रही हैं। नवदुर्गा में लोगों के सभी संकट दूर होने वाले हैं। उन्होंने बताया कि माता का वाहन दिन के अनुसार तय होता है।
अगर नवरात्र का आरंभ सोमवार या रविवार को हो रहा है तो मां का आगमन हाथी पर होगा। शनिवार और मंगलवार को मां का वाहन घोड़ा तथा बृहस्पतिवार और शुक्रवार को मां डोली में आती हैं, जबकि बुधवार को नवरात्र का आरंभ होने पर मां का वाहन नौका होता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान रुद्रविंशति में प्रमादी नामक संवत्सर के मध्य पड़ने वाले नवरात्र 25 मार्च, बुधवार को मां दुर्गा नौका पर सवार होकर भक्तों के घर पधारने वाली हैं। वहीं गज पर सवार होकर मां की विदाई हो रही है, जो अच्छे संकेत दे रही हैं।
अगर नवरात्र का आरंभ सोमवार या रविवार को हो रहा है तो मां का आगमन हाथी पर होगा। शनिवार और मंगलवार को मां का वाहन घोड़ा तथा बृहस्पतिवार और शुक्रवार को मां डोली में आती हैं, जबकि बुधवार को नवरात्र का आरंभ होने पर मां का वाहन नौका होता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान रुद्रविंशति में प्रमादी नामक संवत्सर के मध्य पड़ने वाले नवरात्र 25 मार्च, बुधवार को मां दुर्गा नौका पर सवार होकर भक्तों के घर पधारने वाली हैं। वहीं गज पर सवार होकर मां की विदाई हो रही है, जो अच्छे संकेत दे रही हैं।
25 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। मातारानी के दरबार सज गए हैं। मंदिरों को भव्यता प्रदान करने के लिए रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से सजाया गया है।
नवरात्र के लिए जयसिंहपुरा स्थित मां चामुंडा मंदिर, पुराना बस स्टैंड स्थित मां बगुलामुखी देवी मंदिर, कैंट वाली मां काली, चंद्रावली देवी सहित अन्य मंदिरों में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। हर वर्ष नवरात्र पर इन मंदिरों में मेला सा लगा करता था, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण भीड़ का दबाव कुछ कम रहने की संभावना है।
नौ दिन तक चलने वाले इस त्योहार के लिए बाजारों में रौनक कम दिखाई दे रही है। इधर, घर-घर भी नवरात्र की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। जो लोग नवरात्रि में नौ दिनों का व्रत रखते हैं, वे लोग ही कलश स्थापना करते हैं। अष्टमी के दिन कन्या पूजन का विधान है। 9 दिन की नवरात्रि को शुभता और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्र के लिए जयसिंहपुरा स्थित मां चामुंडा मंदिर, पुराना बस स्टैंड स्थित मां बगुलामुखी देवी मंदिर, कैंट वाली मां काली, चंद्रावली देवी सहित अन्य मंदिरों में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। हर वर्ष नवरात्र पर इन मंदिरों में मेला सा लगा करता था, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण भीड़ का दबाव कुछ कम रहने की संभावना है।
नौ दिन तक चलने वाले इस त्योहार के लिए बाजारों में रौनक कम दिखाई दे रही है। इधर, घर-घर भी नवरात्र की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। जो लोग नवरात्रि में नौ दिनों का व्रत रखते हैं, वे लोग ही कलश स्थापना करते हैं। अष्टमी के दिन कन्या पूजन का विधान है। 9 दिन की नवरात्रि को शुभता और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।