फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Budh Pradosh Vrat 2023 date worship lord ganesha and lord shiva together on Wednesday

Budh Pradosh Vrat 2023: आज शिव जी और भगवान गणेश की एक साथ करें पूजा, बन रहा है खास संयोग

Wed, 04 Jan 2023 08:42 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Wed, 04 Jan 2023 08:42 AM IST
सार

Budh Pradosh Vrat 2023:  प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा का विधान है। ऐसे में 04 जनवरी 2023, दिन बुधवार को व्रत रखकर पूजा करने से शिव जी के साथ भगवान गणेश की भी कृपा प्राप्त होगी।

विज्ञापन
Budh Pradosh Vrat 2023 date worship lord ganesha and lord shiva together on Wednesday
शिव जी और भगवान गणेश की एक साथ करें पूजा - फोटो : iStock

विस्तार

Budh Pradosh Vrat 2023: हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन पूजा करने से गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है। वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नए साल 2023 का पहला बुधवार बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन बुध प्रदोष व्रत भी है। प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा का विधान है। ऐसे में 04 जनवरी 2023, दिन बुधवार को व्रत रखकर पूजा करने से शिव जी के साथ भगवान गणेश की भी कृपा प्राप्त होगी। इसके अलावा पूजा के बाद आरती करने से दोनों देव प्रसन्न होंगे और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद देंगे। यहां भगवान शिव शंकर और गणेश जी आरती दी जा रही है...  
विज्ञापन


Budh Pradosh Vrat 2023: साल 2023 का पहला प्रदोष व्रत है बेहद खास, सुख-समृद्धि के लिए करें ये उपाय 
विज्ञापन


शिव जी की आरती
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव..
 एकानन चतुरानन पंचानन राजे
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे
ॐ जय शिव..
 दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे
ॐ जय शिव..
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी
ॐ जय शिव..
 श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे
ॐ जय शिव..
 कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता
ॐ जय शिव..
 ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका
ॐ जय शिव..
 काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी
ॐ जय शिव..
 त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे 
ॐ जय शिव..

Pradosh Vrat 2023 Date: नए साल का पहला प्रदोष व्रत कल, शुभ मुहूर्त में करें शिव पूजा, हर मनोकामना होगी पूरी

विज्ञापन
विज्ञापन


गणेश जी की आरती 
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed