Ganpati Visarjan 2020: जानें कब है बप्पा को विदा करने का दिन और पूरी विधि
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अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश उत्सव का समापन होता है। इस दिन बप्पा का विसर्जन किया जाता है, इसबार यह तिथि 1 सितंबर को पड़ रही है। गणेश चतुर्थी से लेकर दस दिनों तक बप्पा का पूजन किया जाता है और ग्याहरवें दिन पूरे विधि-विधान के साथ बप्पा का विसर्जन किया जाता है।
"गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ" के जयकारों के साथ अगले बरस जल्दी आने की कामना की जाती है। जिस तरह से गणपति जी को विधि-विधान से स्थापित किया जाता है उसी तरह से बप्पा को पूरे विधि-विधान से विसर्जित करना चाहिए, इससे आपको गणेश जी की पूरी कृपा प्राप्त होती है। जानते हैं बप्पा को विसर्जित करने की पूरी विधि..
वैसे तो अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा का विसर्जन किया जाता है लेकिन कुछ लोग 5, 7, 9 दिनों में भी विसर्जन करते हैं.इसलिए जितने दिन तक बप्पा को अपने घर स्थापित करने का संकल्प आपने लिया हो उसी तिथि को बप्पा का विसर्जन करें। भगवान गणेश के विसर्जन वाले दिन भी बप्पा की विधि पूर्वक पूजा करें जैसे प्रतिदिन करते हैं। बप्पा को भोग अर्पित करें।
उसके बाद एक लकड़ी का साफ-सुथरा पाटा लेकर उस पर गंगाजल डालकर पवित्र कर दें। उस पाटे पर कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं, उस पर अक्षत अर्पित करें और लाल या पीले रंग का कपड़ा पाटे पर बिछाएं। कपड़े के चारों कोनों पर पूजा की सुपारी रखें, गुलाब के फूलों और पंखुड़ियों को पाटे पर बिखेर दें। गणेश जी के जयकारों के साथ सावधानी से गणेश जी की प्रतिमा को उठाकर पाटे पर रखें, और साथ में गणेश जी के प्रिय मोदक, फल, फूल कुमकुम और वस्त्र, आदि भी रखें।
एक कपड़े में चावल, गेहूं और पंचमेवा लेकर उसकी पोटली बना लें और साथ में बांधे दक्षिणा भी रखें, इस पोटली को एक छोटी सी लकड़ी की छड़ी में बांध दें। ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि इससे भगवान गणेश को विसर्जन के लिए ले जाते समय रास्ते में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती है।
जिस स्थान पर बप्पा का विसर्जन करना है, वहां पहुंचकर सर्वप्रथम कपूर जलाकर आरती करें। गणेश जी के समक्ष प्रार्थना करते हुए उनसे आशीर्वाद लें और बप्पा से क्षमा मांगे और खुशी-खुशी जयकारों के साथ बप्पा को विदा कर दें। गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जित करते समय ऐसे ही पानी में नहीं डालना चाहिए। उन्हें बहुत सम्मान के साथ धीरे-धीर विसर्जित करना चाहिए।