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पुरुषोत्तमा एकादशी आज, जानिए लक्ष्मी-नारायण की कृपा पाने के लिए क्या करें और क्या न करें

Sat, 29 Jul 2023 09:55 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 29 Jul 2023 09:55 AM IST
सार

पुरुषोत्तम माह की कमला( पद्मनी) एकादशी का बहुत महत्व बताया गया है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अतिप्रिय है व अधिक मास भी श्री विष्णुजी को समर्पित है

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purushottam ekadashi 2023 date importance of purushottam ekadashi and puja rules
Padmini Ekadashi: यह व्रत शुभफलदायी बताया गया है।लेकिन एकादशी व्रत में कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 शास्त्रों में पुरुषोत्तम माह की कमला( पद्मनी) एकादशी का बहुत महत्व बताया गया है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अतिप्रिय है व अधिक मास भी श्री विष्णुजी को समर्पित है, इसलिए धार्मिक दृष्टि से इस  एकादशी का महत्व और भी  बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भक्तों द्वारा इस दिन की जाने वाली पूजा एवं व्रत का विशेष पुण्य प्राप्त होगा। इस व्रत को करने से व्यक्ति के सभी संताप नष्ट होते है एवं भगवान् विष्णु के साथ श्रीमहालक्ष्मी जी की अनुकूल कृपा प्राप्त होती है। इस दिन व्रत रखने से रुके हुए कार्यों में सफलता मिलती है तथा जिन लोगों को बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है उनके लिए यह व्रत शुभफलदायी बताया गया है।लेकिन एकादशी व्रत में कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है।

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एकादशी पर ये करें

  • पुण्यफल में वृद्धि के लिए इस दिन समस्त कामनाओं तथा सिद्धियों के दाता भगवान विष्णु की पूजा ईशान कोण में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करते हुए करें।
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  • अधिक माह में तुलसी पूजन का बहुत अधिक महत्व है इसलिए इस एकादशी पर भगवान विष्णु की प्रिय तुलसी की मंजरी तथा पीला चन्दन,रोली,अक्षत,पीले पुष्प,ऋतु फल एवं धूप-दीप,मिश्री आदि से भगवान दामोदर का भक्ति-भाव से पूजन करना चाहिए।इस दिन तुलसी के पत्र नहीं तोड़ने चाहिए,शास्त्रों में ऐसा करना वर्जित बताया गया है।  
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  • इस दिन गीता पाठ,विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ,श्री सूक्त व 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करने से प्राणी पापमुक्त-कर्जमुक्त होकर लक्ष्मी-नारायण की कृपा पाता है ।
  • एकादशी व्रत की सिद्धि के लिए भगवान विष्णु के समक्ष घी का अखंड दीपक जलाएं एवं इस दिन दीपदान करना शुभ माना गया है। सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी के लिए इस दिन आसमान के नीचे सांयकाल घरों,मंदिरों,पीपल के वृक्षों तथा तुलसी के पौधों के पास दीप प्रज्वलित करने चाहिए।यदि संभव हो तो पवित्र नदियों में भी दीप दान करना चाहिए।
  • रात्रि के समय श्री हरि की प्रसन्नता के लिए नृत्य,भजन-कीर्तन और स्तुति के द्वारा जागरण करना चाहिए।जागरण करने वाले को जिस फल की प्राप्ति होती है,वह हज़ारों बर्ष तपस्या करने से भी नहीं मिलता।
  • यह एकादशी वर्षा ऋतु में पड़ने के कारण इस दिन वर्षा से राहत देने वाली वस्तुओं का दान करना चाहिए।इस दिन छाता,वस्त्र,अन्न,गुड़,धार्मिक पुस्तकें एवं फल आदि का दान करना बहुत ही लाभकारी माना गया है।
  • भगवान श्री कृष्ण को गाय अत्यंत प्रिय है। इस दिन गायों को चारा खिलाने और उनकी देखवाल करने से भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद मिलता है।
  • पुरुषोत्तमा एकादशी की कथा पढ़ने या सुनने से भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। द्वादशी के दिन सूर्योदय के बाद विधिपूर्वक ब्राह्मण को भोजन करवाकर एवं दक्षिणा देकर तत्पश्चात अन्न व जल ग्रहण करें।

ऐसा न करें

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