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Kalashtami Vrat 2024 : कालाष्टमी आज, इस दिन कर लें ये उपाय फिर संकटों से मिलेगा छुटकारा

Thu, 04 Jan 2024 09:44 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 04 Jan 2024 09:44 AM IST
सार

कालाष्टमी का पर्व हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस बार साल 2024 की पहली कालाष्टमी 4 जनवरी को है। इस दिन भगवान शिव के उग्र स्वरूप कालभैरव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने का विधान है।

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1st Masik Kalashtami Vrat 2024 Date Know Tithi Shubh Muhurat and Significance in Hindi
कालाष्टमी 2024: कालाष्टमी पर आप काल भैरव की पूजा करने के बाद काल भैरव चालीसा का पाठ अवश्य करें

विस्तार

कालाष्टमी का पर्व हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस बार साल 2024 की पहली कालाष्टमी 4 जनवरी को है। इस दिन भगवान शिव के उग्र स्वरूप कालभैरव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मत है कि भगवान काल भैरव की पूजा-व्रत करने से व्यक्ति को दुख और संकट से छुटकारा मिलता है। इस दिन यदि आप भगवान शिव के विग्रह अवतार काल भैरव बाबा से जुड़े कुछ उपाय कर लें तो आपके रोग, संकट और बाधांए दूर हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि किन उपायों को करके आप अपने सकंट दूर कर सकते हैं।

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  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। भगवान काल भैरव को काले तिल, उड़द और सरसों के तेल का दीपक अर्पित करना चाहिए साथ ही मंत्रों के जाप के साथ ही उनकी विधिवत पूजा करने से वह प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है।
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  •  यदि आप किसी असाध्य रोग से पीड़ित हैं तो कालाष्टमी पर आप काल भैरव की पूजा करने के बाद काल भैरव चालीसा का पाठ अवश्य करें और पाठ करने के बाद भैरवदेव से अपने रोग मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।
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  • कालभैरव की पूजा करने से ग्रह बाधा और शत्रु बाधा दोनों से ही मुक्ति मिलती है। भगवान काल भैरव जी की कृपा पाने के लिए और उनकी अनुकम्पा प्राप्त करने के लिए कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की प्रतिमा के आगे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
  • इस दिन श्रद्धानुसार साबुत बिल्बपत्रों पर लाल या सफ़ेद चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।बिल्बपत्र अर्पित करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुख करें। इस तरह पूजा करने से काल भैरव प्रसन्न होकर आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे।
  • भगवान कालभैरव का वाहन कुत्ता है, इसलिए भैरव की कृपा पाने के लिए इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी अथवा गुड़ के पुए खिलाएं। ऐसा करने से आपके जीवन से कष्टों का निवारण होगा।
  • भगवान कालभैरव की उपासना से भूत, प्रेत एवं ऊपरी बाधाएं दूर होती हैं। सभी नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा पाने के लिए इस दिन ॐ कालभैरवाय नम: का जप एवं कालभैरवाष्टक का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से राहु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। इस दिन व्रत रखकर पूरे विधि-विधान से काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति के सारे कष्ट मिट जाते हैं। काल उससे दूर हो जाता है।
  • भैरवदेव को प्रसन्न करने के लिए कालाष्टमी के दिन चना-चिरौंजी, पेड़ा, काली उड़द और उड़द की दाल से बने व्यंजन का भोग लगाना चाहिए। इस दिन देवी दुर्गा की पूजा का भी बहुत महत्व होता है। इस दिन दुर्गा चालीसा का पाठ करने से संकट और शत्रु दोनों से ही मुक्ति मिलती है।

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