तो अब इसकी वीडियो क्लीपिंग देंगे युकां अध्यक्ष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि मारपीट मामले की जांच सीबीआई के बजाय एफबीआई से भी करवाएं तो भी भाजपा के लोग कसूरवार निकलेंगे। उनके पास वीडियो क्लीपिंग है, जो बताती है कि पहले पत्थर किसने फेंका। इसे जांच एजेंसी को दे दिया जाएगा।
विक्रमादित्य बोले कि मारपीट की घटना का उन्हें पश्चाताप है। भाजपा बजट सत्र में गतिरोध की भूमिका बनाते हुए इस मामले को जबरदस्ती राजनीतिक रंग दे रही है। नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के राजभवन में दिए बयान पर विक्रमादित्य बोले कि ‘ऊपर से प्रदर्शन के आदेश’ से उनका मतलब युकां के राष्ट्रीय नेतृत्व से है। युकां की अपनी राष्ट्रीय विचारधारा है और यह मुख्यमंत्री या मंत्रियों के आदेश पर फैसले नहीं लेती।
राजेश के घायल होने का दुख
शनिवार को राजीव भवन में पत्रकार वार्ता में प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल से पहले ही बात कर ली थी और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती के फोन पर भी बात करने की कोशिश की गई, मगर उनका फोन ही नहीं चल रहा था।
पंजाब की यूथ विंग ने भी तो मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के घर का घेराव किया है। हिमाचल में भाजपा विपक्ष में है, इसीलिए इसके कार्यालय का घेराव किया गया। विक्रमादित्य बोले कि पीजीआई में दाखिल राजेश शारदा को भीड़भाड़ में ज्यादा चोटें आने पर वह खुद व्यथित हैं।
बेटा होने के नाते पिता की डांट पड़ी
इस घटना पर आपकी क्या सीएम से भी बात हुई है? इस पर विक्रमादित्य बोले कि सीएम होने के साथ ही वह मेरे पिता भी हैं। उन्हें इस घटना को बुरा मानते हुए इस पर अफसोस जताया। जाहिर है कि बेटा होने के नाते डांट भी पड़ी। पर उन्हें सारी स्थिति बता दी गई थी कि भाजपा ने ही मारपीट शुरू की।
अनुराग ने भी तो किया ‘24, अकबर’ रोड पर प्रदर्शन- भाजपा की तरफ से युकां प्रदर्शन को अलोकतांत्रिक करार देने पर विक्रमादित्य सिंह बोले कि वह याद करवाना चाहते हैं कि जब टू-जी स्पेक्ट्रम मामले पर अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में ‘24, अकबर’ रोड पर प्रदर्शन किया था, तब भाजपा को लोकतांत्रिक परंपरा क्यों याद न थी। उस समय भी तो कांग्रेस कार्यालय को घेरा गया था। ऐसे अनेक प्रदर्शनों को गिनाया जा सकता है।