युग हत्याकांड: भंग हो सकती है एमसी, बस इस रिपोर्ट का है इंतजार
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शिमला में लाश वाले टैंक से शहर के हजारों लोगों को पीने के पानी की सप्लाई के मामले में सरकार ने इस पूरे प्रकरण पर शहरी विकास विभाग से रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। सरकार के आदेश पर शहरी विकास विभाग ने नगर निगम शिमला से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
नगर निगम से रिपोर्ट मिलने के बाद शहरी विकास विभाग इसे प्रदेश सरकार को भेजेगा। यदि इस प्रकरण में नगर निगम की लापरवाही पाई जाती है तो सरकार निगम को भंग करने का फैसला भी ले सकती है। नगर निगम एक्ट के तहत दायित्वों को निभाने में विफल रहने की स्थिति में निगम को भंग करने का प्रावधान है।
शहर के लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना निगम की बुनियादी जिम्मेदारी है, लेकिन पहले पीलिया प्रकरण में और अब युग प्रकरण में नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। सीआईडी जांच भी नगर निगम की लापरवाही की ओर इशारा कर रही है।
इस मामले में सीआईडी की शिकायत के आधार पर थाना सदर में निगम के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है। जांच में साफ हो चुका है कि नगर निगम ने कागजों में ही दो साल तक टैंकों की सफाई की।
आठ महीने बचा है निगम का कार्यकाल
नगर निगम के कार्यकाल में अब 8 महीने ही शेष बचे हैं। मई 2017 में नगर निगम का कार्यकाल पूरा होने वाला है। यदि सरकार नगर निगम को भंग करती है तो दिसंबर माह में निगम के चुनाव करवाने का फैसला लिया जा सकता है।
अग्रिम कार्यवाही के लिए सरकार को भेजेंगे रिपोर्ट
नगर निगम से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। निगम कमिश्नर ने अगले हफ्ते तक रिपोर्ट देने के लिए कहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रदेश सरकार को भेज दी जाएगी।
- डा. राजकृष्ण प्रुथी, निदेशक, शहरी विकास विभाग
एमसी एक्ट की धारा 404 में है निगम को भंग करने का प्रावधान
नगर निगम एक्ट की धारा 404 में निगम को भंग करने का प्रावधान है। एक्ट के तहत यदि नगर निगम अपने दायित्वों को निभाने में विफल रहता है, या अपनी शक्तियों का दुरुपयोग अथवा सीमाओं का उल्लंघन करता है तो सरकार निगम को भंग कर सकती है।
सरकार ने दिए हैं जांच के आदेश : सुधीर
भराड़ी टैंक में लाश के अवशेष मिलने के मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। इसका जिम्मा शहरी विकास विभाग के निदेशक को सौंपा गया है। रिपोर्ट आने पर आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
- सुधीर शर्मा, शहरी विकास विभाग
युग के हत्या के आरोपियों की न्यायिक हिरासत 21 तक बढ़ी
युग की हत्या के आरोप में गिरफ्तार तीनों आरोपियों तजेंद्र सिंह , विक्रांत और चंद्र शर्मा को वीडियो क्राफ्रेंस के जरिए अदालत में पेश किया गया। जेल में ही वीडियो कांफ्रेंसिग की व्यवस्था की गई थी।
अदालत ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी है। बता दें कि जब आरोपियों को इससे पहले जिला कचहरी में पेश किया गया था उस समय उन पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था।