एसिडिटी, कब्ज से हैं परेशान तो ये योग आसन देंगे तुरंत आराम
हमारी दिनचर्या और खान पान इतना बिगड़ चुका है कि हम रोगों की चपेट में आ गए हैं। लालच, उपेक्षा, अत्याचार और लापरवाही रोग के चार प्रमुख कारण हैं। स्वामी गौरीश्वरानंद पुरी ने बताया कि हम जो रोज भोजन करते हैं वह पूरी तरह से नहीं पचता और धीरे- धीरे हमारे पेट में जमा होता रहता है।
यही भोजन एसिडिटी और दूसरी पेट की बीमारियों का कारण बनता है। स्वामी गौरीश्वरानंद कहते हैं कि कपालभाति और कुजंलक्रिया एसिडिटी, कब्ज और बुखार में रामबाण हैं।
जो लोग कब्ज से परेशान हैं सुबह उठते ही बिस्तर पर पीठ सीधे करके बैठ जाएं। बायीं हथेली नाभि पर रखें और जोर से सांस लेते हुए पेट अंदर करें और फिर छोड़ दें।
एकादशी को भोजन करना रोग का कारण
एक मिनट में 60 बार ऐसा करें। शुरू में करीब 3 से 5 मिनट ऐसा करें। अगर कपालभाति करके भी मलवेग ठीक से नहीं आता तो विपरीतकरणी मुद्रा में आसन करें। पुरी कहते हैं कि एकादशी को फलाहार करें या फिर सिर्फ पूरा दिन पानी पीएं। नींबू पानी पीया जाए तो और भी अच्छा।
महीने में एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या को बिल्कुल भोजन न करें। चतुदर्शी रात को भी सिर्फ पानी पीएं। इससे बिल्कुल स्वस्थ रहेंगे। कभी सर्दी, खांसी, जुकाम की समस्या नहीं होगी। किसी भी जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9418705472 पर संपर्क कर सकते हैं।