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गलत तरीके से ओवरटेक करना घातक : मदन
Sat, 08 Mar 2025 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Updated Sat, 08 Mar 2025 12:27 AM IST
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मंडी में सड़क सुरक्षा पर आयोजित कार्यशाला में मौजूद मुख्यातिथि डा. मदन कुमार व अन्य। स्त्रोत-
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मंडी। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डाॅ. मदन कुमार ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी क्षेत्र में सड़क पर गलत और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करना घातक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 90 प्रतिशत सड़क हादसे तेज गति से वाहन चलाने के कारण होते हैं।
इनमें गलत तरीके से ओवरटेक करना एक बड़ा कारण है। वे शुक्रवार को जिला परिषद सभागार भ्यूली में सड़क सुरक्षा पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग सड़क सुरक्षा को अभी भी औपचारिकता मात्र समझते हैं। हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है, जहां पर 95 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूल के कारण होती हैं, यहां प्रतिवर्ष लगभग तीन हजार छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें लगभग 1200 लोग अपनी जान खो देते हैं, लगभग 5 हजार लोग घायल होते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, विभिन्न सड़क चिन्हों पर ध्यान देने और सड़क सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने पर इन दुर्घटनाओं काे कम किया जा सकता है।
कार्यशाला में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी गिरीश समरा ने निर्धारित गति सीमा में गाड़ी को चलाने, सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने, नशा कर गाड़ी न चलाने, सीट बेल्ट लगाने समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यशाला में मोटर व्हीकल निरीक्षक साहिल धर्माणी, उपपुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार, डाॅ. मोहित, अमरजीत सिंह ने भी सड़क सुरक्षा की बारीकियों की जानकारी प्रदान की। वहीं, कार्यशाला में पथ परिवहन निगम व निजी बस ऑपरेटरों के चालक व परिचालक, ट्रक, बस तथा टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों और अन्य ने भाग लिया।
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इनमें गलत तरीके से ओवरटेक करना एक बड़ा कारण है। वे शुक्रवार को जिला परिषद सभागार भ्यूली में सड़क सुरक्षा पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग सड़क सुरक्षा को अभी भी औपचारिकता मात्र समझते हैं। हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है, जहां पर 95 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूल के कारण होती हैं, यहां प्रतिवर्ष लगभग तीन हजार छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें लगभग 1200 लोग अपनी जान खो देते हैं, लगभग 5 हजार लोग घायल होते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, विभिन्न सड़क चिन्हों पर ध्यान देने और सड़क सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने पर इन दुर्घटनाओं काे कम किया जा सकता है।
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कार्यशाला में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी गिरीश समरा ने निर्धारित गति सीमा में गाड़ी को चलाने, सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने, नशा कर गाड़ी न चलाने, सीट बेल्ट लगाने समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यशाला में मोटर व्हीकल निरीक्षक साहिल धर्माणी, उपपुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार, डाॅ. मोहित, अमरजीत सिंह ने भी सड़क सुरक्षा की बारीकियों की जानकारी प्रदान की। वहीं, कार्यशाला में पथ परिवहन निगम व निजी बस ऑपरेटरों के चालक व परिचालक, ट्रक, बस तथा टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों और अन्य ने भाग लिया।
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