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विश्व धरोहर शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर फिर दौड़ा स्टीम इंजन
Sun, 18 Apr 2021 09:19 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 18 Apr 2021 09:19 PM IST
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शिमला: विश्व धरोहर दिवस के उपलक्ष्य पर चलाया गया स्टीम इंजन।
- फोटो : अमर उजाला
विश्व धरोहर दिवस के उपलक्ष्य पर रविवार को शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर एक बार फिर छुक-छुक करता स्टीम इंजन चलाया गया। एक डिब्बे के साथ यह स्टीम इंजन रेलवे स्टेशन से शिमला एक्सटेंशन तक चलाया गया। रविवार दोपहर ठीक एक बजे रेलवे स्टेशन से यह स्टीम इंजन रवाना किया गया। ओल्ड बसस्टैंड पर शिमला एक्सटेंशन के पास पहुंचने के बाद यह रेलवे स्टेशन लौट गया।
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इस दौरान इसमें कोई यात्री सवार नहीं था। सिर्फ रेलवे के कुछ कर्मचारी सवार थे। 118 साल पुराना शिमला कालका रेलवे मार्ग विश्व धरोहर में शामिल है। स्टीम इंजन चलाने के अलावा रेलवे की ओर से शिमला रेलवे स्टेशन पर फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें रेलवे का बीते 118 साल का इतिहास बताया गया।
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रेलवे स्टेशन पर पहुंचे लोगों ने इस फोटो प्रदर्शनी को देखा। प्रदर्शनी में शिमला कालका रेलवे मार्ग पर आने वाले सभी अहम पुलों, सुरंगों और स्टेशनों की जानकारी इसमें दी गई है। हर साल शिमला आने वाले सैलानी शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर टॉय ट्रेन का सफर जरूर करते हैं। अंग्रेजी शासनकाल में बनाया गया यह रेलवे ट्रैक विश्व धरोहर में शामिल है।
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96 किलोमीटर में 102 सुरंगें और 800 पुल
1903 में बिछाई गई 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेललाइन में 102 सुरंगें, 800 पुल, 919 मोड़ और 18 रेलवे स्टेशन हैं। समुद्र तल से ट्रैक की ऊंचाई 2800 से लेकर 7 हजार फीट है।