38 घंटों से टनल में फंसे हैं तीन मजदूर
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन एक्सप्रेस हाईवे के लिए टीहरा में बन रही टनल-4 में शनिवार रात करीब 10.30 बजे मलबा धंसने से तीन मजदूर फंस गए हैं। 38 घंटों से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद इन्हें निकाला नहीं जा सका है। बीआरओ, जिला प्रशासन और कंपनी की रेस्क्यू टीमें डटी हुई हैं, लेकिन तीनों मजदूरों का कहीं अता-पता नहीं लग पाया है।
जिला प्रशासन इन्हें अभी भी सुरक्षित मान रहा है। अब तक टनों के हिसाब से टनल से मलबा निकाला जा चुका है। रेस्क्यू टीमें दिन-रात डटी हैं। टनल के भीतर लगभग 40 मीटर के पैच में पहाड़ी से मलबा लगातार टनल में गिर रहा है जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हो रही है। बताया जा रहा है कि हादसे की भनक लगते ही आठ मजदूरों ने भागकर जान बचाई।
कंपनी ने तैनात किए अपने एक्सपर्ट
भीतर फंसे मजदूरों की पहचान सिरमौर के पांवटा साहिब निवासी सतीश (27), मंडी के करेरी निवासी मणि राम (42) और मंडी के दयालगी के हिरदा राम के रूप में हुई है। उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर, एसपी बलवीर ठाकुर, एसडीएम घुमारवीं भी मौके पर हैं।
अधिकारी रेस्क्यू टीम को दिशा निर्देश दे रहे हैं। डीसी मानसी सहाय ठाकुर ने बताया कि अंदर फंसे मजदूरों तक खाना, पानी और बिजली आदि पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। कंपनी ने अपने एक्सपर्ट भी तैनात किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीआरओ की रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया है।
दोनों ओर से बन रही है टनल
टीहरा में निर्माणाधीन टनल का कार्य दोनों ओर से चल रहा है। टनल की कुल लंबाई 1200 मीटर बताई जा रही है। टीहरा की ओर से लगभग 270 मीटर टनल बन चुकी है। जबकि दूसरी ओर से 70 मीटर। बताया जा रहा है कि टीहरा की ओर से लगभग 70 मीटर की दूरी के बाद यह मलबा गिरा है। टनल धंस जाने से पहाड़ी का मलबा टनल में आ रहा है जिस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हो गया है।
मलबे को बोर करने की कोशिश- टनल में फंसे मजदूरों को मलबे में बोर कर पाइप के जरिए निकालने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए लोहे के बड़े-बड़े पाइप दोपहर बाद लाए गए। कुल्लू से बोरिंग की विशेष मशीनरी भी मंगवाई गई है।
ऑक्सीजन पाइप पर टिकी उम्मीद- टनल के भीतर कामगारों के लिए ऑक्सीजन पाइप तो लगाया गया है, लेकिन इसके सुरक्षित होने पर संशय बना हुआ है। यदि ऑक्सीजन पाइप सही सलामत होगा तो तीनों मजदूरों की जान बचाएगा और अगर पाइप फट गया तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।