हिमाचल: 50 हजार वार्षिक आय वाली महिलाएं भी बन सकेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरकार ने संशोधित किए भर्ती नियम
सुक्खू सरकार ने भर्ती नियमों को संशोधित करते हुए सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत 21 से 45 वर्ष की आयु शर्त को 18 से 35 वर्ष कर दिया गया है।
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हिमाचल प्रदेश में अब वार्षिक 50 हजार रुपये की पारिवारिक आय वाली महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता और सहायिका नियुक्त हो सकेंगी। पूर्व में तय वार्षिक आय 35 हजार रुपये थी, जिसे अब सालाना 50,000 रुपये कर दिया गया है। सुक्खू सरकार ने भर्ती नियमों को संशोधित करते हुए सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत 21 से 45 वर्ष की आयु शर्त को 18 से 35 वर्ष कर दिया गया है। 25 की जगह 16 अंकों के आधार पर एसडीएम की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी को चयन का अधिकार दिया है। चयन कमेटी में बाल विकास परियोजना अधिकारी और तहसील कल्याण अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
भर्ती का विज्ञापन बाल विकास परियोजना अधिकारी जारी करेंगे। आवेदन करने के लिए न्यूनतम 20 दिन दिए जाएंगे। सोमवार को राजपत्र में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव एम सुधा देवी की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता काे प्रतिमाह 9,500 रुपये, मिनी कार्यकर्ता को 6,600 और सहायिका को 5,200 रुपये का मानदेय मिलेगा। शादी या तलाक की स्थिति में ही इनके तबादले हो सकेंगे। सामान्य परिस्थितियों में तबादले नहीं होंगे। 60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्ति होगी।। साल में सिर्फ एक दिन 30 अप्रैल को इन्हें सेवानिवृत्त किया जाएगा। प्रदेश में अब होने वाली इन श्रेणियों की भर्तियों के लिए यह संशोधित नियम लागू होंगे।
छह वर्ष तक की आयु के बच्चों की देखभाल करने और प्रसूति महिलाओं तक विभिन्न सरकारी सुविधाओं को पहुंचाना इनका मुख्य कार्य होगा। इन 16 अंकों के आधार पर होगा चयनप्रदेश सरकार ने पूर्व में तय किए गए 25 अंकों की जगह अब 16 अंकों के आधार पर चयन करने का फैसला लिया है। नौ अंक शैक्षणिक योग्यता के लिए रखे गए हैं। इसमें सात अंक बारहवीं कक्षा के अंकों के आधार पर मिलेंगे। दो अंक स्नातक की शिक्षा पूरी करने पर मिलेंगे। पूर्व में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका या मिनी कार्यकर्ता रहने वालों को दो अंक दिए जाएंगे। 40 फीसदी तक दिव्यंगता पर एक अंक मिलेगा। अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्ग के आवेदकों को एक अंक दिया जाएगा। बालिका आश्रम, अनाथ, विधवा, तलाकशुदा, एकल नारी, अपने माता-पिता के साथ रहने वाली महिला और पति की ओर से छोड़ दी गई महिला को तीन अंक दिए जाएंगे।
बारहवीं कक्षा पास होना सभी के लिए अनिवार्य
मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के लिए भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं कक्षा पास होना कर दिया गया है। इससे पूर्व मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास और सहायिका के लिए मिडल कक्षा पास होना था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए पहले की तरह ही बारहवीं कक्षा पास होना जरूरी रहेगा।