रूसा पर सीएम वीरभद्र का बड़ा बयान, पढ़िए क्या कहा?

ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 10 Dec 2014 10:33 AM IST
winter session at dharmshala.
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार रूसा को हटाएगी नहीं बल्कि उसमें छुटपुट खामियों को दूर करेगी। शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में मंगलवार को विस सदस्य सुरेश भारद्वाज और रणधीर शर्मा की ओर से प्रदेश के महाविद्यालयों में लागू रूसा के प्रावधानों पर विचार करें, विषय पर नियम-130 के तहत लाए गए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
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सदन में सदस्यों की ओर से जताई गई चिंता और दिए गए सुझावों के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के कॉलेजों में बाकी राज्यों के मुकाबले फीस काफी कम है। फिर भी इस मसले पर सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी बैठाई थी। उसकी रिपोर्ट सरकार के पास आ गई है।


अब इस संदर्भ में बैठक की जाएगी। अगर आवश्यकता पड़ी तो सरकार फीस में छुटपुट कमी करेगी। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया कि रूसा लागू होने के बाद हिमाचल के कॉलेजों में छात्रों की संख्या घटी है। उन्होंने सदन में कहा कि रूसा लागू होने के बाद हिमाचल के कॉलेजों में छात्रों की संख्या बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि 2013-14 में 68248 और 2014-15 में 88244 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ है। रूसा का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा के साथ जोड़ना है। नई प्रणाली लागू होने पर शुरुआती दौर में थोड़ी बहुत खामियां आती हैं।

भारत सरकार से रूसा की तैयारियों के लिए चार करोड़ रुपये मिले हैं। रूसा में खर्च होने वाली धनराशि के लिए 90:10 अनुपात रखा गया है। इसमें 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी राज्य सरकार खर्च करेगी। 2012-17 तक 956.37 करोड़ की योजना बनाकर भारत सरकार को भेज दी गई है। सीएम की अध्यक्षता में राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद का गठन किया गया है।

इसमें 15 सदस्यों को शामिल किया है। इसे प्रभावी व समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रधान सचिव (शिक्षा) हिमाचल की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति भी बनाई है।

चंबा, सिरमौर में कॉलेज बनेंगे

नए मॉडल महाविद्यालयों की स्थापना के लिए चंबा और सिरमौर जिले में दो महाविद्यालय बनाए जाएंगे। सिरमौर के सराहां और चंबा के छतराडी महाविद्यालय को 12 करोड़ का अनुदान डीपीआर भेजने पर दिया जाएगा।

नियम-130 के तहत लाए गए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा में सरकार की ओर से विधानसभा सदस्य बंबर ठाकुर और विपक्ष की ओर से ईश्वर दास धीमान, सतपाल सत्ती, विजय अगिभनहोत्री, नरेंद्र ठाकुर और हंसराज ने भाग लिया। विपक्ष के सदस्यों ने सदन में रूसा प्रणाली को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने से छात्रों का नुकसान हो रहा है। वहीं, बंबर ठाकुर ने सदन में रूसा प्रणाली के फायदे गिनाए।

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