कोरोना काल में प्रदेश कांग्रेस ने अपनी ही पार्टी में किया 12 करोड़ का घोटाला : जयराम
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विधानसभा सदन में स्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़े तेवर दिखाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को जनता के बीच बेनकाब करेंगे। कोरोना संकट में लोगों को मदद की जगह कांग्रेस ने अपने दल के भीतर ही घोटाला किया। सरकार जहां 13 करोड़ खर्च कर बाहरी राज्यों से अपने लोगों को प्रदेश में लाई, वहीं कांग्रेस ने बिना कुछ काम किए अपने हाईकमान को 12 करोड़ प्रदेश में खर्च करने के कागजात भेज दिए। पार्टी को लूटने के लिए यह काम हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य राज्य जहां एक-दो दिन का विधानसभा सत्र करवा रहे हैं, वहीं हमने ढाई दिन सिर्फ चर्चा को दिए।
मुख्यमंत्री ने सैनिटाइजर, वेंटिलेटर और पीपीई किट खरीद मामलों की जानकारी से सदन को अवगत कराया। सीएम ने कहा कि कोविड फंड का ब्योरा वेबसाइट पर है। सीएम बोले, सत्ता पक्ष के 13 और विपक्ष के 15 सदस्य चर्चा में शामिल हुए। विपक्ष का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार चिंता का विषय है। विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की कल्पना भी नहीं की थी। जब चर्चा हुई तो बोलने के लिए एक-दूसरे को देखते रहे। जो जनाजा इन लोगों ने निकाला है, उसे जनता देख रही है। लोग इनसे जवाब मांगेंगेे। सरकार कोरोना काल में कांग्रेस का लोगों के बीच असली चेहरा दिखाएगी। सैनिटाइजर खरीद मामले में जांच लक्ष्य तक पहुंचने वाली है। इस मामले में एक पैसे का लेनदेन नहीं हुआ। ध्यान में आते ही सारा भुगतान रोक दिया गया। दोषियों पर कार्रवाई हो रही है। वेंटिलेटर को लेकर एक गुमनाम पत्र आया था।
इस बारे में जांच के आदेश दिए गए। कंपनी को बदनाम करने के लिए एक निकाले हुए कर्मी ने यह सब किया, उसे गिरफ्तार किया गया है। वेंटिलेटर खरीद में बेबुनियाद आरोप थे। प्रतिपक्ष को पता होना चाहिए कि वेंटिलेटर की कई किस्में होती हैं। गुमनाम पत्र की पड़ताल की जानी चाहिए। हमने कहा था कि हम ऐसे लोगों को पाताल से भी खोज लाएंगे। जांच के बाद विपक्ष खुद ही नंगा हो गया। जहां तक पीपीई किट का मामला है तो एक ऑडियो वायरल हुआ। हमने निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को गिरफ्तार किया। जांच प्रभावित न हो, ऐसे में कुछ ज्यादा कहना सही नहीं होगा। सीएम बोले, आज अगर सरकार ताली बजाने वालों की होती तो प्रदेश की हालत खराब होती। जब विपक्ष के इस व्यवहार के बारे में हम जनता से बात करेंगे तो जितनी संख्या में ये इस बार आए हैं, उससे भी नीचे गिरेंगे।
विस के इतिहास में पहली बार स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा : परमार
प्रदेश विस अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि हिमाचल विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि विपक्ष की ओर से लाए गए किसी स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार कर उस पर चर्चा शुरू की गई है। कहा कि नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर पहले कभी चर्चा नहीं की गई है।
इस सत्र में विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव ‘यह सदन कोरोना वैश्विक महामारी के कुप्रबंधन व इसमें हुए व्यापक भ्रष्टाचार व बेरोजगारी पर विचार करे’ स्वीकृत हुआ तथा इस पर कुल 28 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। स्थगन प्रस्ताव पर कुल 6 घंटे 25 मिनट तक चर्चा चली।